सोने-चांदी की चमक में उतार-चढ़ाव: मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिकी डेटा तय करेंगे बाजार की अगली चाल

Silver Gold Price Today: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सराफा बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब झूल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक आंकड़े निवेशकों की धड़कनें बढ़ा रहे हैं।
बाजार के ताजा समीकरण: सोना और चांदी के भाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव $4616 के ऊपरी स्तर को छूने के बाद फिलहाल $4585 के आसपास बने हुए हैं, जबकि निचला स्तर $4482 दर्ज किया गया है। वहीं, चांदी के भाव 73.19 डॉलर प्रति औंस पर टिके हैं, जिसमें $73.44 का उच्चतम और $68.99 का न्यूनतम स्तर देखा गया है।
घरेलू बाजार (इंदौर-हाजिर) की बात करें तो भाव इस प्रकार रहे:
  • सोना (नगद): ₹1,49,000 (पिछले दिन ₹1,48,800 था)।
  • सोना (RTGS): ₹1,46,000 (GST अतिरिक्त)।
  • 22 कैरेट सोना (RTGS): ₹1,33,800 (GST अतिरिक्त)।
  • चांदी (नगद): ₹2,35,000 (पिछले दिन ₹2,29,500 था)।
  • चांदी (RTGS): ₹2,37,000।
  • सिक्का (प्रति नग): ₹2,675।
  • भारतीय रुपया: 93.90 प्रति डॉलर।
इन दो कारकों पर टिकी है बाजार की नजर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी की अगली दिशा मुख्य रूप से दो प्रमुख वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगी:
  1. मिडिल ईस्ट संकट: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। यदि खाड़ी देशों में संघर्ष और गहराता है या कच्चे तेल की कीमतें उछलती हैं, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग तेजी से बढ़ेगी।
  2. अमेरिकी आर्थिक डेटा: यदि अमेरिका के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो डॉलर इंडेक्स मजबूत होगा। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है और भाव नीचे आ सकते हैं।
एक्सपर्ट की राय: क्या अभी निवेश का सही समय है?
रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोना फिलहाल ‘करेक्शन फेज’ (कीमतों में सुधार) में है। जानकारों के अनुसार, हालांकि शॉर्ट टर्म में मोमेंटम थोड़ा कमजोर हुआ है, लेकिन लंबी अवधि (Long Term) में तेजी का रुझान अब भी बरकरार है।
निवेशकों के लिए सलाह: एक्सपर्ट्स का कहना है कि एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय निवेशकों को ‘बाय ऑन डिप्स’ यानी कीमतों में गिरावट आने पर थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना चाहिए। मध्यम से लंबी अवधि के लिए सोना अब भी एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।