Bhopal News: मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने की शुरुआत उम्मीद के उलट आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हुई है। राजधानी भोपाल में बुधवार दोपहर करीब 2:15 बजे अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें शुरू हो गईं। पिछले दो दिनों से प्रदेश के बड़े हिस्से में बादलों का डेरा है, जिससे जनजीवन और खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।
15 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए प्रदेश के जबलपुर, सिवनी और मंडला समेत 15 जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, उज्जैन, देवास, शाजापुर और नीमच-मंदसौर जैसे इलाकों में बिजली कड़कने के साथ हल्की आंधी और ओले गिरने का अनुमान है। मंगलवार रात को भी धार जिले के कुक्षी और मनावर में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुँचा है।
गर्मी का तेवर: 40.3 डिग्री पर पहुँचा पारा
विचित्र बात यह है कि बारिश के बीच सूरज के तेवर भी कम नहीं हुए है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो, दमोह और रतलाम में भी पारा 39 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। भोपाल और जबलपुर में तापमान 37 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे उमस और गर्मी का अहसास बरकरार है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?…
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ और ‘ट्रफ लाइन’ सक्रिय है। इसके साथ ही 2 अप्रैल से एक नया ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 4 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है।
आगे क्या?……
हीट वेव की आहटसिस्टम के कमजोर पड़ते ही अप्रैल के दूसरे सप्ताह से भीषण गर्मी का दौर शुरू होगा। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक ग्वालियर, खरगोन और खजुराहो जैसे शहरों में पारा 44-45 डिग्री तक पहुँचने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जब तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक हो जाता है, तो उसे ‘हीट वेव’ (लू) माना जाता है, और मालवा-निमाड़ के क्षेत्रों में ऐसी स्थिति जल्द ही बनने वाली है।
किसानों पर पड़ रही है भारी मार….
फरवरी और मार्च में चार-चार बार बदले मौसम ने पहले ही किसानों की कमर तोड़ दी है। मार्च के आखिरी पखवाड़े में हुई ओलावृष्टि से गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई थीं। अब अप्रैल की शुरुआत में फिर से ओले गिरने की चेतावनी ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। सरकार द्वारा प्रभावित इलाकों में फसलों के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं।