Indore News: नगर निगम चुनावों और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार देर रात शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 और 4 के अंतर्गत आने वाले 21 वार्डों के अध्यक्षों और प्रभारियों की सूची जारी की। इस नई टीम के गठन के साथ ही कांग्रेस ने 13 अप्रैल को शहरव्यापी बड़े आंदोलन का बिगुल भी फूंक दिया है।
महिलाओं को मिली कमान, वार्ड स्तर पर किलेबंदी
कांग्रेस की इस नई सूची में समावेशी राजनीति की झलक देखने को मिली है। विशेष रूप से विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 में महिला प्रभारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि विधानसभा 3 की महिला प्रभारियों की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
विधानसभा 3: वार्ड 55 से 64 तक नियुक्तियां की गई हैं, जिसमें निलेश वेद, अंशुल मांडलिक और रवि यादव जैसे सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।
विधानसभा 4: वार्ड 67 से 73 और 82 से 85 तक अध्यक्ष और प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। यहाँ सीमा यादव, रिचा शर्मा, दीपा मिश्रा और शाहीन फातिमा जैसी महिला नेत्रियों को आगे कर आधी आबादी को साधने की कोशिश की गई है।
शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने स्पष्ट किया कि जल्द ही ब्लॉक कार्यकारिणी की घोषणा भी कर दी जाएगी, ताकि संगठन का ढांचा बूथ स्तर तक पूरी तरह सक्रिय हो सके।
13 अप्रैल: 22 बिजली जोनों पर होगा उग्र प्रदर्शन
संगठन विस्तार के साथ ही कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। शहर में बढ़ते बिजली बिल, अघोषित बिजली कटौती और खराब व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस ने 13 अप्रैल को आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
प्रदर्शन की मुख्य बातें:
इंदौर के सभी 22 विद्युत जोनों पर एक साथ ब्लॉक और मंडलम स्तर के पदाधिकारी प्रदर्शन करेंगे।
वरिष्ठ नेता और शहर अध्यक्ष विभिन्न केंद्रों पर पहुंचकर नेतृत्व करेंगे।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को मल्हार गार्डन में नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जहां पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
प्रमुख नियुक्तियां एक नजर में (वार्डवार)
नई सूची के अनुसार, प्रमुख नामों में वार्ड 67 से मुकेश बड़के, वार्ड 71 से जगदीपेन्द्र यादव और वार्ड 84 से प्रज्ञा शुक्ला शामिल हैं। पार्टी का मानना है कि इन नियुक्तियों से स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और जनता के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत होगी।
विधानसभा 3 और 4 की इस टीम के ऐलान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस सड़कों पर उतरकर सत्ताधारी दल को घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है। 13 अप्रैल का प्रदर्शन नई टीम की पहली बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होगा।