इंदौर: “स्कूल चले हम” अभियान के तहत इंदौर के शासकीय श्रीदेवी अहिल्या आश्रम विद्यालय में एक बेहद खास नजारा देखने को मिला। यहाँ आयोजित “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक शिक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को जीवन के महत्वपूर्ण सबक सिखाए, बल्कि खुद ब्लैकबोर्ड पर जाकर बच्चों को गणित और विज्ञान के कठिन पाठ भी पढ़ाए।
इंजीनियरिंग से कलेक्टरी तक का सफर किया साझा
कलेक्टर वर्मा ने बच्चों के बीच बैठकर अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वे भी कभी इन्हीं बेंचों पर बैठकर भविष्य के सपने बुना करते थे। अपनी शैक्षणिक यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
“मैने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कड़ी मेहनत व अनुशासन के बल पर आज इस मुकाम तक पहुँचा हूँ। आप भी निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।”
सफलता का मंत्र: लक्ष्यों को छोटे हिस्सों में बांटें
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कलेक्टर ने एक बड़ा गुरुमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती।
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छोटे लक्ष्य: अपने बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें और उन्हें प्रतिदिन हासिल करने का प्रयास करें।
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नकल न करें: हर व्यक्ति की अपनी एक अलग कहानी और चुनौतियां होती हैं। अपने रोल मॉडल से अच्छी बातें जरूर सीखें, लेकिन उनकी पूरी तरह नकल करने की कोशिश न करें। अपनी मौलिकता बनाए रखें।
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सीखना बनाएं रोचक: पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि इसे रोचक बनाकर हर दिन कुछ नया सीखने की जिज्ञासा पैदा करें।