Indore News: मध्य प्रदेश सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अब केवल 2 साल शेष रह गए हैं, लेकिन इन दो साल में सरकार और संगठन ने नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों के नाम पर खूब सपना दिखाएं। वर्तमान स्थिति यह है की सरकार के 3 साल गुजर जाने के बाद भी वरिष्ठ और सक्रिय नेता व कार्यकर्त्ता अभी भी अपनी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक नियुक्तियां कब होगी यह बताना तो मुश्किल है, लेकिन संगठन ने कुछ नियुक्तियां करके नाराज नेताओं को खुश करने का प्रयास किया है। अभी हाल ही में संगठन ने मीडिया विभाग और युवा मोर्चा में लगभग सवा सो नेताओं की नई नियुक्तियां देकर उन्हें खुश किया है।
युवा मोर्चा और मीडिया प्रभारी की जो नई टीम बनाई गई है उसमें इंदौर को अच्छी खासी जगह मिली है। विधायक उषा ठाकुर को प्रदेश प्रवक्ता सहित 20 नेताओं को युवा मोर्चा और मीडिया विभाग में स्थान मिला है। ये नई नियुक्तियां इस बात को इंगित कर रही है की कुछ दिनों में निगम -मंडलो और प्राधिकरणों में खाली पदों को भर दिया जाएगा।
कौन संभालेगा आईडीए अध्यक्ष की कुर्सी, दौड़ में कई नाम
इस बार भाजपा संगठन निगम , मंडल , प्राधिकरण, एल्डरमेन,आयोग सामाजिक बोर्ड सभी विभागों में नियुक्तियां करने की तैयारियां कर रहा है। जहां तक इंदौर का सवाल है, तो पार्टी स्तर पर यह चर्चा चल रही है कि इस बार इंदौर विकास प्राधिकरण में किस विधायक का अध्यक्ष कुर्सी संभालेगा। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस बार आईडीए में दो चरणों में नियुक्तियां होगी।
पहली बार केवल अध्यक्ष की नियुक्ति होगी उसके बाद संभव हो सकेगा तो उपाध्यक्षों और संचालकों की नियुक्ति की जाएगी। पहले आईडीए अध्यक्ष के लिए दो नामों पूर्व विधायक गोपी नेमा और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता के नामों पर खूब चर्चा चली, लेकिन संगठन ने दोनों पूर्व विधायकों को अलग-अलग जिले का प्रभारी बनाकरआईडीए अध्यक्ष पद के लिए रास्ते बंद कर दिए।
हालाकि दोनों ताकतवर नेता है। वे अभी भी अध्यक्ष की दौड़ में बरकरार है। इसी प्रकार आईडीए बोर्ड के उपाध्यक्ष हरि नारायण यादव और पूर्व महामंत्री मुकेश राजावत के नाम चर्चा में आए है। इन दोनों के अलावा गोलू शुक्ला, मालिनी गोड़ और महेंद्र हार्डिया भी प्रयास कर रहे है की आईडीए बोर्ड में उनका अध्यक्ष बैठे। फैसला संगठन सरकार को मिलकर करना है।
एल्डरमैन के लिए किसको ले, किसको छोड़े…
मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे कमाऊ नगरीय निकाय इंदौर नगर निगम मे 12 एल्डरमैन नियुक्त करने की प्रक्रिया तेज हो गईं है। हालांकि इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में एल्डरमैन की नियुक्तियों में गुटबाजी के कारण सूची को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है।
एल्डरमैन की नियुक्तियों के लिए संगठन ने जो फामूर्ला तैयार किया है वो ये है की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 2 एल्डरमैन लिए जाएंगे जिसमे 1 विधायक की पसंद, और 1 संगठन की पसंद का होगा। मामला यहीं उलझा हुआ है, क्योंकि प्रत्येक विधायकों की जो सूची प्राप्त हुई है , वह काफी बड़ी है।
विधायकों की लिस्ट से नाम चुनने में काफी मशक्कत करना पड़ रही है। सूची को लेकर तीन बार बैठक हो चुकी है, हर बार किसको ले, किसको छोड़े, बस यहीं आकर बात रुक जाती है। क्योंकि मामला विधायकों से जुड़ा हुआ है इसलिए सूची बनाने में लेट लतीफ हो रही है।
नेताओं कों एडजस्ट करने की वजह से रुकी पड़ी है नियुक्तियां….
विगत एक माह से एक खबर लगातार घूम रही है पार्टी हाईकमान से मंजूरी मिलने के बाद सरकार और संगठन ने निगमों और बोर्डो में रिक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर पार्टी कार्यकतार्ओं के मनोनयन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। ये सुनते-सुनते एक माह गुजर गया, लेकिन अभी तक नेताओं की राजनीतिक नियुक्तियां नहीं कर पाई है।
ऐसा बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को नेताओं को एडजस्ट करने में काफी मशक्कत करना पड़ रही है, क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के पास सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, और वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों की लंबी सूची रखी हुई है। इसी कारण संगठन नियुक्तियां नहीं कर पा रहा है।
संगठन ने दो दिन पहले ही भाजपा मीडिया विभाग में पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए 33 प्रवक्ता,41 पैनेलिस्ट के साथ 9 सह-मीडिया प्रभारी बनाए है। जबकि भाजपा की युवा शाखा युवा मोर्चा में 56 नेताओं की नई नियुक्तियों के साथ जंबो टीम बनाई है।
इंदौर से लिए गए सदस्यों की संख्या