Indore News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भविष्य और विकास का खाका खींचने वाला नगर निगम का ई-बजट आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा पेश किया जा रहा है।
करीब 8450 करोड़ रुपए के इस भारी-भरकम बजट में जहां शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और जल आपूर्ति पर जोर दिया गया है, वहीं विपक्ष ने सदन में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन कर सत्ता पक्ष को घेरने की पुरजोर कोशिश की।
विपक्ष का अनोखा विरोध: काली पट्टी और स्लोगन वाली टी-शर्ट
बजट सत्र की शुरुआत ही हंगामेदार रही। नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस के पार्षद सदन में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। विरोध का सबसे चर्चित चेहरा पार्षद कुणाल सोलंकी रहे, जो अपनी टी-शर्ट पर ‘पियो नाली का पानी, नगर निगम के विकास की कहानी’ जैसे स्लोगन लिखकर पहुंचे थे।
वहीं, पार्षद राजू भदौरिया शहर के कई हिस्सों में हो रही गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाने के लिए अपने साथ गंदे पानी की बोतल लेकर सदन पहुंचे। विपक्ष का आरोप है कि शहर स्वच्छता में नंबर वन है, लेकिन धरातल पर लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
बजट की प्राथमिकताएं: पानी और सड़क पर फोकस
हंगामे के बीच पेश किए गए इस बजट में इंदौर के आगामी विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:
नर्मदा चतुर्थ चरण: शहर की प्यास बुझाने के लिए नर्मदा के चौथे चरण के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
अमृत-2 योजना: लगभग 1500 करोड़ रुपए के जल प्रोजेक्ट्स के माध्यम से नई पाइपलाइन बिछाने और टंकियों के निर्माण का लक्ष्य है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: मास्टर प्लान की सड़कों को समय सीमा में पूरा करने और कुशवाह नगर जैसी नई सड़कों के लिए फंड आवंटित किया गया है।
हेल्थ चेकअप: हर वार्ड में पानी की शुद्धता जांचने के लिए वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।
कल होगी तीखी बहस
आज बजट पेश होने के बाद अब बुधवार को इस पर विस्तृत चर्चा और बहस होगी। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल और एमआईसी सदस्यों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे केवल बजट के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ड्रेनेज, टूटी सड़कें और निगम के वित्तीय प्रबंधन पर सत्ता पक्ष से जवाब मांगेंगे।
यह देखना दिलचस्प होगा कि 8450 करोड़ का यह ई-बजट इंदौर को ‘स्मार्ट सिटी’ से ‘फ्यूचर सिटी’ बनाने में कितना कारगर साबित होता है।