Indore News: इंदौर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 8453 करोड़ रुपए का ई-बजट मंगलवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच पेश किया गया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा पेश किए गए इस बजट में शहर के जल संकट को दूर करने और सड़कों के जाल को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। हालांकि, बजट की बारीकियों से ज्यादा सदन की कार्यवाही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ती नजर आई।
ईरान के सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि पर मचा बवाल
बजट सत्र की शुरुआत में ही माहौल तब गर्मा गया जब कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने अमेरिकी-इजराइली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। रूबीना खान ने कहा कि “खामेनेई को अमेरिका ने धोखे से शहीद कर दिया।”
इस बयान से नाराज भाजपा पार्षदों ने सदन में ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाना शुरू कर दिए। भाजपा सदस्यों ने नगर निगम के मंच पर विदेशी नेता को श्रद्धांजलि देने का कड़ा विरोध किया, जिससे सदन में काफी देर तक गतिरोध बना रहा।
विपक्ष का अनूठा विरोध
इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। पार्षद कुणाल सोलंकी ने एक बार फिर अपनी चर्चित टी-शर्ट पहनी, जिस पर लिखा था— ‘पियो नाली का पानी, नगर निगम के विकास की कहानी’। विपक्ष का आरोप है कि शहर के कई वार्डों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं और नगर निगम केवल कागजी विकास कर रहा है।
बजट की बड़ी बातें: जनता पर कोई नया बोझ नहीं
महापौर ने अपने 130 पेज के बजट भाषण में इंदौर की जनता को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि इस वर्ष:
कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।
वर्तमान में लागू किसी भी कर (Tax) में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
बजट में 8455 करोड़ की आय और 8443 करोड़ के व्यय का अनुमान है।
1500 करोड़ के जल प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर
बजट में शहर की लाइफलाइन ‘नर्मदा परियोजना’ को प्राथमिकता दी गई है:
नर्मदा चतुर्थ चरण: जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नर्मदा-4 के काम को गति दी जाएगी।
अमृत-2 योजना: इसके तहत 1500 करोड़ के काम होंगे, जिसमें नई टंकियां और सीवरेज सिस्टम शामिल हैं।
सड़कें: मास्टर प्लान की सड़कों को समय सीमा में पूरा किया जाएगा और कुशवाह नगर जैसी नई सड़कों का निर्माण होगा।
वॉटर लैब: गुणवत्ता जांच के लिए हर वार्ड में पानी टेस्टिंग लैब बनाने का लक्ष्य है।
बुधवार को इस बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा और तीखी बहस होने की संभावना है, जहां विपक्ष भ्रष्टाचार और विकास के दावों पर सत्ता पक्ष को घेरेगा।