इंदौर नगर निगम में भारी हंगामा: वंदे मातरम न कहने पर अड़ीं कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख; सभापति ने बाहर निकाला

Indore News: इंदौर नगर निगम के बजट सत्र का दूसरा दिन हंगामे और विवादों की भेंट चढ़ गया। 8,455 करोड़ रुपये के बजट पर चर्चा के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद भाजपा पार्षदों ने सदन में जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते कार्यवाही में बार-बार व्यवधान आया।
वंदे मातरम विवाद और निष्कासन
प्रश्नोत्तर काल के दौरान जब वंदे मातरम का गान शुरू हुआ, तो फौजिया शेख अलीम चुप रहीं। भाजपा पार्षदों के विरोध के बाद सभापति मुन्नालाल यादव ने उन्हें सदन से बाहर जाने का आदेश दिया। इस पर पार्षद ने आपत्ति जताते हुए कहा, “मुझे वह नियम दिखाइये जिसमें इसे गाना अनिवार्य लिखा है।” बाद में सदन से बाहर निकलकर उन्होंने मीडिया से कहा कि इस्लाम उन्हें इसकी अनुमति नहीं देता।
इस मामले पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने दूरी बनाते हुए कहा कि वंदे मातरम न गाना व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी राष्ट्रगीत के प्रति संकल्पित है। उन्होंने इसकी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को भी दे दी है।
सिंधिया पर टिप्पणी और तीखी बहस
हंगामे का दूसरा दौर तब शुरू हुआ जब कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ ‘गद्दार’ शब्द का प्रयोग किया। इस पर भाजपा पार्षद उग्र हो गए और सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया। अंततः, बढ़ते विरोध को देखते हुए भदौरिया को अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी पड़ी, जिसके बाद ही कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
निगम की संपत्तियों पर सवाल
विवादों के बीच राजू भदौरिया ने निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी निगम की संपत्तियों के बारे में जानकारी देने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए आश्वासन दिया कि सात दिनों के भीतर सभी सवालों के लिखित जवाब उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
तनावपूर्ण माहौल के बीच बजट पर चर्चा जारी रही, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों ने शहर के विकास के मुद्दों को कुछ देर के लिए पीछे धकेल दिया।