CBSE 10th Result: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 10वीं कक्षा के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आयोजित बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जल्द ही घोषित किए जाने की उम्मीद है। इस साल करीब 25 लाख छात्रों ने 17 फरवरी से 11 मार्च के बीच आयोजित परीक्षाओं में हिस्सा लिया था।
अक्सर देखा गया है कि रिजल्ट जारी होते ही सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है, जिससे साइट धीमी पड़ जाती है या क्रैश हो जाती है। ऐसी स्थिति में छात्रों के लिए ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
वेबसाइट क्रैश की टेंशन खत्म, डिजिलॉकर से मिलेगी मदद
रिजल्ट के समय वेबसाइट स्लो होने की परेशानी से बचने के लिए सीबीएसई सीधे डिजिलॉकर पर छात्रों की मार्कशीट और सर्टिफिकेट अपलोड करता है। यह भारत सरकार की एक सुरक्षित डिजिटल सेवा है, जहाँ छात्र अपने मार्कशीट, पास सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिलॉकर पर रिजल्ट देखने के 7 आसान स्टेप्स:
वेबसाइट: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर digilocker.gov.in खोलें।
साइन अप: यदि अकाउंट नहीं है, तो अपने मोबाइल नंबर और आधार के जरिए साइन अप करें।
सेक्शन: लॉगिन करने के बाद “Education” या “Issued Documents” सेक्शन पर जाएं।
संस्थान चुनें: यहाँ सूची में से ‘CBSE’ को सिलेक्ट करें।
विवरण भरें: अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और जन्म तिथि दर्ज करें।
रिजल्ट प्राप्त करें: आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी।
सेव करें: भविष्य के लिए इसे डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
रिजल्ट से जुड़ी अहम जानकारी
कुल छात्र: लगभग 25 लाख।
परीक्षा केंद्र: देशभर में 8,074 केंद्र।
पासिंग मार्क्स: बोर्ड के नियमों के अनुसार, सफल होने के लिए प्रत्येक विषय और कुल मिलाकर कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है।
ग्रेस मार्क्स: यदि कोई छात्र एक या दो अंकों से उत्तीर्ण होने से चूक जाता है, तो बोर्ड के पास ग्रेस मार्क्स देने का प्रावधान भी है।
इन प्लेटफॉर्म्स पर भी नज़र आएंगे नतीजे:
छात्र डिजिलॉकर के अलावा इन आधिकारिक माध्यमों से भी अपना स्कोर कार्ड देख सकते हैं:
cbse.gov.in
results.cbse.nic.in
UMANG App (उमंग पोर्टल)
सीबीएसई के अधिकारियों के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य अंतिम चरण में है और नतीजे किसी भी दिन घोषित किए जा सकते हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्रेडेंशियल्स (रोल नंबर, स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी) तैयार रखें ताकि रिजल्ट आते ही बिना किसी देरी के अपना परिणाम देख सकें।