NCST की जांच में बड़ा खुलासा: नाबालिग निकली वायरल गर्ल मोनालिसा! पॉक्सो एक्ट के तहत फरमान पर केस दर्ज

Viral Girl Monalisa: महाकुंभ 2025-26 के दौरान अपनी तस्वीरों से इंटरनेट पर सनसनी मचाने वाली ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा और फरमान के विवाह मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह पाया गया है कि मोनालिसा नाबालिग है। इस खुलासे के बाद आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और एट्रोसिटी एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

अस्पताल के रिकॉर्ड से खुली पोल

आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में गठित टीम ने जब गहराई से जांच शुरू की, तो अस्पताल के आधिकारिक रिकॉर्ड्स से सच्चाई सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार, लड़की की जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 है। इस हिसाब से मार्च 2026 में हुए निकाह के समय उसकी उम्र महज 16 साल 2 महीने थी।

आयोग ने पाया कि निकाह के लिए नगर पालिका से जारी एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का सहारा लिया गया था। केरल के एक गांव में इसी आधार पर शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया, जिसे अब निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

वीआईपी होटलों का सफर और ‘बड़ा नेटवर्क’

सूत्रो के अनुसार जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी फरमान और मोनालिसा पिछले तीन महीनों से अलग-अलग शहरों के वीआईपी होटलों में रुक रहे थे। आयोग को शक है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी बड़े गिरोह या खास एजेंडे का हाथ हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वीआईपी होटलों के बिल का भुगतान कौन कर रहा था और इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

दो राज्यों के पुलिस प्रमुख तलब

मामले की संवेदनशीलता और इसमें शामिल अंतर्राज्यीय कड़ियों को देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रो के मुताबिक आयोग ने मध्य प्रदेश और केरल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली तलब किया है। दोनों राज्यों के प्रमुखों को मामले की नियमित प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

न्याय की उम्मीद…

प्रशासन और आयोग का प्राथमिक लक्ष्य आदिवासी समाज से आने वाली मोनालिसा के परिवार को न्याय दिलाना है। पुलिस अब उन लोगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है जो फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मानव तस्करी जैसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। महेश्वर थाने में मामला दर्ज होने के बाद अब गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत विवाद न रहकर एक बड़े संगठित अपराध की जांच की ओर मुड़ गया है।