Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। सोमवार, 13 अप्रैल को शेयर बाजार खुलते ही बिकवाली के भारी दबाव में आ गया। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता विफल होने की खबरों ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे बाजार में चौतरफा गिरावट दर्ज की जा रही है।
बाजार का ताजा हाल: प्रमुख इंडेक्स धराशायी
आज के कारोबार में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं:
सेंसेक्स: करीब 1000 अंक (1.34%) की भारी गिरावट के साथ 76,500 के स्तर पर आ गया है।
निफ्टी:300 अंकों (1.26%) की कमजोरी के साथ 23,750 के आसपास कारोबार कर रहा है।
बाजार में सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों पर पड़ी है, जहाँ निवेशक तेजी से मुनाफावसूली कर रहे हैं।
गिरावट की बड़ी वजह: ईरान-अमेरिका वार्ता विफल
बाजार में आई इस सुनामी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक तनाव है। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच करीब 21 घंटे तक चली मैराथन बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बिना किसी समझौते के लौटने के बयान ने युद्ध की आशंकाओं को हवा दे दी है।
इस भू-राजनीतिक अस्थिरता का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों (कोस्पी, निक्केई, हैंगसेंग) पर भी साफ दिख रहा है, जहाँ 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
कच्चा तेल और रुपए पर दबाव
तनावपूर्ण माहौल के बीच कमोडिटी बाजार में भी हलचल तेज है:
ब्रेंट क्रूड: अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान की नाकेबंदी की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतें 7% उछलकर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।
रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि रुपया जल्द ही 93.50 से 94 के स्तर तक फिसल सकता है।
FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अप्रैल माह में अब तक 48,213 करोड़ रुपए की भारी बिकवाली की है, जिससे घरेलू बाजार से नकदी का प्रवाह कम हो गया है।
बाजार विशेषज्ञों की सलाह: फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। निवेशकों को भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखनी चाहिए और घबराहट में बड़े निवेश से बचना चाहिए।