सुरों की मलिका आशा भोंसले आज अंतिम यात्रा पर: राजकीय सम्मान के साथ आखिरी विदाई, मुंबई में उमड़ा जनसैलाब

Mumbai News: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई और बहुमुखी आवाज से सात दशकों से अधिक समय तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली महान पार्श्व गायिका आशा भोंसले आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगी।
92 वर्ष की आयु में रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। आज शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
तिरंगे में लिपटी ‘सुरों की रानी’, नम आंखों से दी गई सलामी
आशा ताई का पार्थिव शरीर सुबह उनके मुंबई स्थित निवास ‘कासा ग्रैंड’ में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। देश की इस महान विभूति को अंतिम विदाई देने के लिए शासन-प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।
उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर पुलिस बल द्वारा सलामी दी गई। शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं, जहाँ कुछ ही देर में उनकी अंतिम यात्रा पहुंचेगी। सफेद फूलों से सजी गाड़ी में उनकी अंतिम यात्रा शुरू होने वाली है, जिसमें शामिल होने के लिए बॉलीवुड से लेकर राजनीति जगत की दिग्गज हस्तियां पहुंची हैं।
सचिन तेंदुलकर हुए भावुक, तब्बू ने पोती को लगाया गले
अंतिम दर्शन के दौरान माहौल अत्यंत गमगीन रहा। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर जब श्रद्धांजलि देने पहुंचे, तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाए।
वहीं, अभिनेत्री तब्बू भी काफी भावुक नजर आईं; उन्होंने आशा जी की पोती जनाई भोंसले को गले लगाकर ढांढस बंधाया। फिल्म जगत से राकेश रोशन, आशा पारेख, हेलेन और लेजली लेविस समेत कई कलाकारों ने कासा ग्रैंड पहुंचकर अपनी ‘आशा दी’ को याद किया।

प्रधानमंत्री और अमिताभ बच्चन ने व्यक्त किया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोंसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा:

“भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोंसले जी के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। उनका संगीत सफर हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करता रहेगा। उनकी आवाज में एक कालातीत चमक थी। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।”

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज एक पूरा दौर खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि आशा जी भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके अमर गानों का खजाना हमेशा जिंदा रहेगा।
82 साल का करियर और उपलब्धियों का आकाश
आशा भोंसले का सिंगिंग करियर महज एक पेशा नहीं, बल्कि संगीत का एक संस्थान था।
  • पुरस्कारों की झड़ी: उन्होंने अपने करियर में 100 से अधिक पुरस्कार जीते, जिनमें 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड शामिल हैं।
  • सर्वोच्च सम्मान: कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया था।
  • हर मिजाज की आवाज: उन्होंने ‘पिया तू अब तो आजा’ जैसे कैबरे गानों से लेकर ‘पर्दे में रहने दो’ जैसी क्लासिकल धुनों तक, हर शैली में अपनी आवाज का लोहा मनवाया। हेलेन और आशा पारेख जैसी अभिनेत्रियों की ऑन-स्क्रीन पहचान आशा जी की आवाज से ही पूरी होती थी।
विदाई की तैयारी
शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों के भी वहां पहुंचने की उम्मीद है। जिस पार्क ने कभी लता दीदी को विदा किया था, आज वहीं उनकी छोटी बहन और भारतीय संगीत की दूसरी सबसे मजबूत स्तंभ आशा भोंसले को अंतिम विदाई दी जाएगी।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को आशा भोसले के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।

आशा भोंसले की आवाज का जादू अब रिकॉर्डिंग्स और हमारे दिलों में हमेशा गूंजता रहेगा, लेकिन संगीत की दुनिया में जो शून्य उन्होंने छोड़ा है, उसे भर पाना नामुमकिन है।