टेक डेस्क:आज के डिजिटल युग में घंटों तक छोटे वीडियो (शॉर्ट्स और रील्स) को स्क्रॉल करना एक लत बन चुकी है। इसी ‘डूम-स्क्रॉलिंग’ की समस्या को खत्म करने के लिए दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। यूट्यूब ने अपने ‘टाइम मैनेजमेंट’ टूल के तहत एक नया अपडेट जारी किया है, जिससे यूजर्स शॉर्ट्स फीड को पूरी तरह बंद कर सकेंगे।
क्या है ‘जीरो मिनट’ का नया विकल्प?
यूट्यूब ने पिछले साल शॉर्ट्स के लिए टाइमर फीचर पेश किया था, लेकिन उसमें न्यूनतम सीमा 15 मिनट थी। अब कंपनी ने इसमें ‘0 मिनट’ का विकल्प जोड़ दिया है।
जैसे ही कोई यूजर अपनी शॉर्ट्स फीड लिमिट को शून्य पर सेट करेगा, उसके एप से शॉर्ट्स टैब पूरी तरह खाली हो जाएगा। वहां वीडियो के बजाय एक नोटिफिकेशन दिखाई देगा, जो आपको याद दिलाएगा कि आपने अपनी तय समय सीमा पूरी कर ली है। खास बात यह है कि ऐसा करने पर होम स्क्रीन पर मिलने वाले शॉर्ट्स के सुझाव (Recommendations) भी गायब हो जाएंगे।
पेरेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी राहत
यूट्यूब की प्रवक्ता मैकेंजी स्पिलर के अनुसार, यह फीचर पहले माता-पिता के लिए लाया गया था ताकि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर लगाम लगा सकें, लेकिन अब इसे धीरे-धीरे सभी सामान्य अकाउंट्स के लिए रोल आउट किया जा रहा है। इसके कई बड़े फायदे हैं:
एकाग्रता (Focus): जो छात्र या प्रोफेशनल्स केवल लॉन्ग-फॉर्म ट्यूटोरियल या काम की वीडियो देखने आते हैं, उनका ध्यान अब लुभावने शॉर्ट्स से नहीं भटकेगा।
बच्चों की सुरक्षा: माता-पिता अब बच्चों के फोन में शॉर्ट्स को पूरी तरह ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे वे केवल शैक्षिक या अनुमति प्राप्त कंटेंट ही देख पाएंगे।
क्लीन यूजर इंटरफेस: अगर आपको छोटे वीडियो पसंद नहीं हैं, तो अब आपको जबरदस्ती फीड में उनके थंबनेल नहीं झेलने पड़ेंगे।
कैसे एक्टिवेट करें यह फीचर? (3 आसान स्टेप्स)
यूट्यूब एप की Settings में जाएं और Time Management विकल्प पर क्लिक करें।
अब ‘Shorts Feed Limit’ वाले टॉगल बटन को ऑन करें।
समय सीमा (Time Limit) के विकल्प में जाकर ‘0 Minutes’ को चुनें।
क्यों जरूरी है ‘डूम-स्क्रॉलिंग’ पर लगाम?
मनोविज्ञान की भाषा में घंटों तक अनचाहे वीडियो स्क्रॉल करने को ‘डूम-स्क्रॉलिंग’ कहा जाता है। यह आदत न केवल समय बर्बाद करती है, बल्कि मानसिक थकान, तनाव और अनिद्रा (Insomnia) का कारण भी बनती है। भारत में करोड़ों यूजर्स हर दिन घंटों शॉर्ट्स पर बिताते हैं। डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में यूट्यूब का यह ‘जीरो मिनट’ विकल्प एक स्वस्थ डिजिटल लाइफस्टाइल की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है।