मुंबई/आगरा: मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन में पुलिस ने आगरा से फरार चल रहे वांछित अपराधी प्रदीप कुमार रामसिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया है। फरवरी में हुई इस वारदात के बाद से ही प्रदीप पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था।
आगरा में बिछाया गया जाल
प्रदीप कुमार की भूमिका वारदात के समय से ही जांच के दायरे में थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह आगरा के अशोकनगर (न्यू बस्ती पक्की तलैया) स्थित अपने घर लौटने वाला है। इसी इनपुट पर यूपी एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने घेराबंदी की और उसे दबोच लिया। प्रदीप पिछले चार महीनों से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

सोशल मीडिया और साजिश का खुलासा
सूत्रो के अनुसार बताया जा रहा है कि जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि प्रदीप कुमार सोशल मीडिया के जरिए इस साजिश के मुख्य किरदारों के संपर्क में आया था। वह शुभम लोणकर से जुड़ी खबरों और पोस्ट से काफी प्रभावित था। पुलिस सूत्रों के अनुसार:
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वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को भारी रकम की पेशकश की गई थी।
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प्रदीप उस मॉड्यूल का हिस्सा था जिसे फायरिंग के बाद लॉजिस्टिक और अन्य मदद मुहैया करानी थी।
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इस मामले में पुलिस ने मकोका (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया है, जो संगठित अपराध के खिलाफ लगाया जाता है।
अब तक 9 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी भी फरार
सूत्रो के मुताबिक प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 9 हो गई है। इससे पहले पुलिस एक शूटर समेत 8 अन्य लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। हालांकि, मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा शुभम लोणकर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच प्रदीप कुमार से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि प्रदीप से मिली जानकारियों के जरिए शुभम लोणकर के ठिकाने और इस साजिश के पीछे के असली मकसद का खुलासा हो सकेगा। इस गिरफ्तारी ने रोहित शेट्टी की सुरक्षा और बॉलीवुड में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों के बीच के संबंधों की जांच को एक नई दिशा दी है।