देश का सबसे बड़ा IPO लाने की तैयारी में रिलायंस: मई में आ सकता है ‘जियो’ का मेगा इश्यू

IPO Market: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में मई का महीना एक नया कीर्तिमान रच सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अपनी टेलीकॉम और डिजिटल इकाई, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (List) करने की अंतिम तैयारी कर रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी मई में अपने आईपीओ (IPO) के लिए शुरुआती ड्राफ्ट पेपर (DRHP) नियामक के पास जमा कर सकती है। माना जा रहा है कि यह अब तक का देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
वैश्विक अनिश्चितता के कारण टली तारीख
पहले यह चर्चा थी कि रिलायंस मार्च के अंत तक आईपीओ दस्तावेज जमा कर देगा। कंपनी दिसंबर तिमाही के शानदार आंकड़ों के आधार पर बाजार में उतरना चाहती थी। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल को देखते हुए प्रबंधन ने रणनीतिक रूप से इस फैसले को थोड़ा आगे बढ़ा दिया। अब कंपनी नए वित्तीय आंकड़ों के साथ बाजार में दस्तक देने की योजना बना रही है।
दो दशक का इंतजार होगा खत्म
रिलायंस समूह की ओर से लगभग 20 साल बाद किसी बड़ी सहायक कंपनी का पब्लिक इश्यू लाया जा रहा है। आखिरी बार रिलायंस पावर (अनिल अंबानी समूह) या उससे पहले मूल रिलायंस की अन्य इकाइयों के समय ऐसा उत्साह देखा गया था। इतने लंबे अंतराल के बाद मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले समूह की किसी कंपनी का लिस्ट होना निवेशकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है।
19 दिग्गजों की फौज संभालेगी कमान
जियो के इस मेगा आईपीओ को सफल बनाने के लिए रिलायंस ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस पूरी प्रक्रिया को संभालने के लिए 19 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बैंकों को सलाहकार नियुक्त किया गया है। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
  • घरेलू बैंक: कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल।
  • विदेशी बैंक: मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, एचएसबीसी होल्डिंग्स, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीग्रुप।
अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि कंपनी ने अब तक आईपीओ के सटीक साइज (आकार) और लॉन्च की तारीख पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका मूल्यांकन और इश्यू साइज पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ देगा। फिलहाल बाजार की नजरें रिलायंस के आगामी तिमाही नतीजों पर टिकी हैं, जिसके बाद ही आईपीओ की औपचारिक फाइलिंग की उम्मीद है।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो मई के महीने में भारतीय प्राथमिक बाजार (Primary Market) में एक नया इतिहास रचा जा सकता है।