स्मार्टफोन की ‘जंग’ में एप्पल का दबदबा! वफादारी में आईफोन यूजर्स नंबर-1, एंड्रॉयड यूजर्स विकल्प तलाशने के शौकीन

Android Vs iOS: स्मार्टफोन की दुनिया में iOS (iPhone) और Android के बीच की प्रतिस्पर्धा हमेशा से दिलचस्प रही है। लेकिन जब बात ब्रांड के प्रति वफादारी (Brand Loyalty) की आती है, तो एप्पल का मुकाबला करना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। एक ताजा सर्वे के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि आईफोन यूजर्स अपने ब्रांड को लेकर जितने वफादार हैं, एंड्रॉयड यूजर्स उतने ही ज्यादा विकल्प तलाशने के शौकीन हैं।

सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े: एप्पल की बादशाहत

स्मार्टफोन री-सेल साइट ‘SellCell’ द्वारा अमेरिका में 5,000 लोगों पर किए गए सर्वे में ब्रांड लॉयल्टी को लेकर कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं:

  • एप्पल की ऐतिहासिक बढ़त: सर्वे में शामिल 96.4% आईफोन यूजर्स ने कहा कि जब वे अपना फोन अपग्रेड करेंगे, तो अगला फोन भी आईफोन ही लेंगे। यह आंकड़ा 2021 (91.9%) की तुलना में काफी बढ़ा है।

  • एंड्रॉयड की स्थिति: दूसरी ओर, एंड्रॉयड यूजर्स की वफादारी का प्रतिशत 86.4% रहा। इसका मतलब है कि लगभग 13.6% एंड्रॉयड यूजर्स भविष्य में आईफोन पर स्विच करना चाहते हैं।

  • तुलना: आईफोन यूजर्स के मुकाबले एंड्रॉयड यूजर्स का पाला बदलने का झुकाव करीब 4 गुना ज्यादा है। केवल 3.6% एप्पल यूजर्स ही एंड्रॉयड की तरफ जाने का विचार कर रहे हैं।

यूजर आईफोन के साथ क्यों रहना चाहते हैं?

सर्वे में आईफोन यूजर्स ने ब्रांड के साथ चिपके रहने के कुछ मुख्य कारण बताए:

  1. सॉफ्टवेयर का जादू: करीब 60.8% यूजर्स का मानना है कि उन्हें iOS का इंटरफेस और स्मूथनेस सबसे ज्यादा पसंद है।

  2. एप्पल इकोसिस्टम: 17.4% यूजर्स ने बताया कि वे एप्पल के इकोसिस्टम (iCloud, Apple Watch, AirPods) में काफी पैसा निवेश कर चुके हैं, इसलिए एंड्रॉयड पर जाना उनके लिए मुश्किल और महंगा सौदा है।

  3. स्टेटस सिंबल और प्राइवेसी: आईफोन को आज भी प्रीमियम स्टेटस सिंबल और डेटा प्राइवेसी के मामले में सबसे भरोसेमंद डिवाइस माना जाता है।

एंड्रॉयड यूजर्स क्यों छोड़ना चाहते हैं साथ?

एंड्रॉयड छोड़कर आईफोन की ओर जाने वाले यूजर्स का मानना है कि एप्पल के डिवाइस ज्यादा लंबे समय तक चलते हैं और उनकी री-सेल वैल्यू (पुराना बेचने पर मिलने वाली कीमत) काफी अच्छी होती है। वहीं, एप्पल छोड़ने वाले 3.6% यूजर्स ने ज्यादा कीमत (High Price) को मुख्य कारण बताया है।

निष्कर्ष….

साफ है कि एप्पल ने न केवल बेहतर हार्डवेयर बल्कि एक ऐसा डिजिटल ‘जाल’ (इकोसिस्टम) बनाया है, जिससे बाहर निकलना यूजर्स के लिए कठिन हो जाता है। वहीं एंड्रॉयड, अपनी विविधता और ओपन प्लेटफॉर्म के बावजूद, अपने प्रीमियम ग्राहकों को बांधकर रखने में एप्पल से थोड़ा पीछे नजर आ रहा है।