Jharkhand सरकार का बड़ा तोहफा: प्रोफेशनल कोर्स के लिए छात्राओं को ₹30 हजार तक स्कॉलरशिप

रांची.

अब डिप्लोमा तथा इंजीनियरिंग के साथ-साथ सभी प्रोफेशनल कोर्स करने वाली छात्राओं को Manki Munda Scholarship Scheme का लाभ मिलेगा। इसके तहत डिप्लोमा में नामांकित छात्राओं को प्रतिमाह 15 हजार रुपये तथा स्नातक पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्राओं को 30 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी।

पहले इस योजना के तहत सिर्फ डिप्लोमा (पॉलीटेक्निक) तथा इंजीनियरिंग की छात्राओं को इसका लाभ दिए जाने का प्रविधान था। राज्य सरकार ने अब इस योजना में व्यापक बदलाव करते हुए डिप्लोमा के अलावा सभी प्रोफेशनल फुल टाइम रेगुलर कोर्स में नामांकन लेनेवाली छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। योजना में किए गए बदलाव के अनुसार, फुल टाइम रेगुलर कोर्स में इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, अप्लाइड आर्ट्स एंड क्रॉफ्ट्स, डिजाइन, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट एंड कैटिरिंग टेक्नोलॉजी आदि सम्मिलित होंगे। इनके अलावा उभरते तकनीकी पाठ्यक्रमों जैसे, फारेंसिंक साइंस, कंप्यूटर अप्लीकेशन, साइबर सेक्यूरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डीफेंस स्टडीज, पुलिस टेक्नोलॉजी, मेरीटाइम सेक्यूरिटी, सेक्यूरिटी मैनेजमेंट आदि कोर्स करने वाली छात्राओं को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

किन छात्राओं को मिलेगा लाभ
झारखंड विज्ञान एवं प्रावैधिकी परिषद प्रत्येक वर्ष इन तकनीकी पाठ्यक्रमों को अनुमाेदित कर अधिसूचित करेगा। साथ ही वैसे सभी संस्था, जो झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अलावा अन्य किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, उनमें नामांकित छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा। बशर्तें संस्थान झारखंड में संचालित हो। साथ ही दूसरे राज्यों से 10वीं व 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, सिर्फ छात्रा का झारखंड का स्थानीय होना जरूरी होगा। अब इस योजना का संचालन झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की जगह झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा किया जाएगा। आवेदन संबंधित संस्थान द्वारा मांगे जाएंगे, जिसे परिषद अनुमोदित करेगा। छात्रवृत्ति की राशि भी परिषद द्वारा दी जाएगी

2025-26 सत्र से पूर्व पढ़ाई कर रही छात्राओं को भी लाभ
इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पूर्व के शैक्षणिक सत्र में भी नामांकित छात्राओं काे भी इस योजना के तहत शेष अवधि के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी, बशर्ते वह पूर्व के सेमेस्टर में किसी भी विषय में फेल नहीं हुई हो। बता दें कि इस योजना के तहत किसी सेमेस्टर में एक भी विषय में फेल होने पर छात्रवृत्ति बंद कर दी जाएगी।

PFMS की जगह डीबीटी से भुगतान
छात्रवृत्ति की राशि पीएफएमएस की जगह डीबीटी के माध्यम से छात्राओं की आधार लिंक बैंक खाता में हस्तांतरित की जाएगी। इसमें भी बदलाव किया गया है।

पहले 4,200 छात्राओं को ही मिलना था लाभ, अब 15 हजार को
पहले इस योजना का लाभ प्रतिवर्ष 4,200 छात्राओं को ही दिया जाना था। लेकिन अब कोर्स का दायरा बढ़ने से इसका लाभ 15 हजार छात्राओं को मिलेगा। इसके तहत डिप्लोमा स्तर के कोर्स में नामांकित पांच हजार तथा इंजीनियरिंग एवं अन्य स्नातक स्तरीय प्रोफेशनल कोर्स में नामांकित 10 हजार छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।