सागर/मैहर: मध्य प्रदेश में सूरज के तीखे तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सागर और मैहर जिला कलेक्टरों ने प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित कर दिया है।
सागर: 30 अप्रैल तक छोटे बच्चों को बड़ी राहत
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार, जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को स्कूलों में अवकाश का आधिकारिक आदेश जारी किया। यह आदेश गुरुवार से प्रभावी होकर 30 अप्रैल तक लागू रहेगा।
किन पर लागू होगा: प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई, आईसीएसई, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों पर।
बड़ी कक्षाओं का समय: कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगे।
शिक्षकों की उपस्थिति: अवकाश केवल छात्रों के लिए है; शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों को पूरा करना होगा।
उल्लेखनीय है कि 1 मई से नियमित ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे, ऐसे में इस आदेश ने बच्चों को तपती दोपहर से पहले ही राहत दे दी है।
मैहर: कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश
मैहर जिले में भी गर्मी के हालात बेकाबू हो रहे हैं। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने नर्सरी से 5वीं तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी के आदेश दिए हैं। यहाँ 6वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए समय दोपहर 12:30 बजे तक तय किया गया है। परीक्षाओं और अन्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
गर्मी का पूर्वानुमान: 44 डिग्री की ओर बढ़ता पारा
मौसम विभाग की रिपोर्ट चिंताजनक है। सागर में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ: हालांकि 23 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी।
लू का अलर्ट: मौसम विभाग ने 25 अप्रैल के बाद तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में लू (Heat Wave) का अलर्ट जारी किया गया है।
पालक महासंघ की मांग और मीडिया का असर
भीषण गर्मी में बच्चों के स्कूल जाने की खबरों को मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मध्यप्रदेश पालक महासंघ ने भी जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन अवकाश जल्द घोषित करने की मांग की थी। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि 40 डिग्री से अधिक तापमान बच्चों के कोमल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और इससे डिहाइड्रेशन व हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
वर्तमान स्थिति: मध्य प्रदेश के कई शहर जैसे ग्वालियर, दतिया, रतलाम और रीवा में पारा 42 डिग्री के पार जा चुका है। ऐसे में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के प्रशासनिक फैसलों की उम्मीद की जा रही है।