Ujjain News: उज्जैन इन दिनों भीषण गर्मी और तपिश की चपेट में है। पिछले एक सप्ताह से जिले का तापमान लगातार 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं ने मालवा के इस क्षेत्र को भट्टी की तरह तपा दिया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले चार दिनों में पारा 2 से 3 डिग्री और बढ़ सकता है, जो ‘लू’ (Heat Wave) की गंभीर स्थिति पैदा करेगा।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: ‘हीट स्ट्रोक’ से निपटने की तैयारी
बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। जिला चिकित्सालय सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष वार्ड का निर्माण: जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए अलग से स्पेशल हीट वार्ड तैयार किए गए हैं।
दवाओं की उपलब्धता: गर्मी से संबंधित बीमारियों के लिए जरूरी ओआरएस (ORS), आईवी फ्लूड और अन्य जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
डेली रिपोर्टिंग: अस्पताल आने वाले हीट मरीजों की रिपोर्ट रोजाना राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भेजी जा रही है ताकि स्थिति की मॉनिटरिंग की जा सके।
सड़कों पर ‘कर्फ्यू’ जैसे हालात, ठंडे पेय का सहारा
दोपहर होते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं, वे सिर और चेहरे को ढंककर सावधानी बरत रहे हैं। भीषण गर्मी ने शहर के खान-पान का नजारा भी बदल दिया है। चौक-चौराहों पर गन्ने का रस, नींबू पानी, ठंडाई और मटके के पानी की मांग अचानक बढ़ गई है। लोग शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए इन ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
दिन में तपन, रात में मामूली राहत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मालवा क्षेत्र में इस समय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण का प्रभाव है। जहां दिन में सूरज आग उगल रहा है, वहीं रात का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास होने से फिलहाल कुछ राहत बनी हुई है। हालांकि, शाम को चलने वाली हवाएं भी अब गर्म होने लगी हैं, जो आने वाले ‘वॉर्म नाइट’ के खतरों की ओर संकेत कर रही हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: लापरवाही पड़ सकती है भारी
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है:
दोपहर में निकलने से बचें: विशेषकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न जाएं।
हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं।
पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और आंखों के लिए सनग्लासेस का उपयोग करें।
इमरजेंसी: यदि चक्कर आए, उल्टी हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान न समझें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
मई का महीना आने से पहले ही उज्जैन में जिस तरह के हालात हैं, उसने प्रशासन और जनता दोनों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल, सभी की नजरें आसमान की ओर हैं कि कब बादलों की आवाजाही से इस तपन से कुछ राहत मिले।