New Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रही है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने ‘आप’ से नाता तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला किया है। इनके साथ ही हरभजन सिंह, स्वाती मालिवाल, विक्रम साहनी और संजीव अरोड़ा (राजेंद्र गुप्ता) जैसे बड़े नाम भी पाला बदल रहे हैं।
आज राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी पर एक बड़े शायराना अंदाज़ मे तंज कसते हुए कहा कि – मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था, क्योंकि मैं उनके गुनाहों में शामिल नहीं था।
“भ्रष्टाचार का अड्डा बनी पार्टी”: राघव चड्ढा
पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा था, लेकिन जो पार्टी भ्रष्टाचार मिटाने आई थी, वह आज खुद भ्रष्ट लोगों के हाथ में है। मैं पिछले एक साल से इसीलिए दूर था क्योंकि मैं इनके गुनाहों में साझीदार नहीं बनना चाहता था।” चड्ढा ने दावा किया कि ‘आप’ के दो-तिहाई सांसद बीजेपी के साथ जा रहे हैं।
संदीप पाठक ने भी छोड़ा साथ
पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले संदीप पाठक ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अरविंद केजरीवाल को आगे रखा, लेकिन अब उनके रास्ते अलग हैं। पाठक ने कहा, “मैं राजनीति में देश सेवा के लिए आया था, लेकिन आज की स्थितियां देखकर मुझे अपना रिश्ता खत्म करना पड़ रहा है।”
बदलते समीकरण और बगावत की वजह
हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया गया था, लेकिन अब मित्तल ने भी चड्ढा के साथ मिलकर बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी ने इस फूट की जमीन तैयार की है।
आम आदमी पार्टी के लिए यह दोहरा झटका है- एक तरफ संगठन के स्तंभ ढह गए हैं, तो दूसरी तरफ राज्यसभा में उसकी ताकत लगभग खत्म होने की कगार पर है। 4 मई के परिणामों से पहले हुए इस घटनाक्रम ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है।