AAP में ‘सियासी घमासान’: स्वाति मालीवाल BJP में शामिल, केजरीवाल पर लगाया गंभीर आरोप

New Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए संकट के बादल और गहरे हो गए हैं। राघव चड्ढा के बाद अब राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी औपचारिक रूप से ‘आप’ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वाति ने न केवल अपनी नई राजनीतिक पारी का ऐलान किया, बल्कि अरविंद केजरीवाल पर तीखे हमले करते हुए पार्टी छोड़ने की रोंगटे खड़े कर देने वाली वजह भी बताई।

“केजरीवाल के घर में मेरे साथ हुई मारपीट”

स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे 2006 से उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही थीं। उन्होंने कहा, “मैंने केजरीवाल के लिए अपना घर और नौकरी छोड़ी, 7 साल झुग्गियों में रही, लेकिन बदले में मुझे क्या मिला? अरविंद केजरीवाल ने अपने ही घर में मुझे एक गुंडे से पिटवाया।” स्वाति ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें डराया और धमकाया गया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पिछले 2 साल से उन्हें संसद में पार्टी की ओर से बोलने का एक भी मौका नहीं दिया गया, जो उनके राजनीतिक कद को कम करने की एक सोची-समझी साजिश थी।

केजरीवाल को बताया ‘महिला विरोधी’

स्वाति मालीवाल यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने अरविंद केजरीवाल को ‘महिला विरोधी’ करार देते हुए कहा कि वे देश में झूठ, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का पर्याय बन चुके हैं। उन्होंने पंजाब सरकार का जिक्र करते हुए कहा, “केजरीवाल पंजाब को रिमोट कंट्रोल से चला रहे हैं और उसे अपना निजी ATM बना लिया है। वहां रेत खनन और नशीली दवाओं का कारोबार उन्हीं की शह पर फल-फूल रहा है।”

BJP ज्वाइन करने की असल वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए स्वाति ने कहा कि वे किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि स्वेच्छा से भाजपा में शामिल हो रही हैं। उन्होंने महिला आरक्षण बिल, नक्सलवाद के खात्मे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख का हवाला देते हुए पीएम मोदी को विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बताया। स्वाति ने कहा, “मैं दिल से प्रधानमंत्री मोदी के विजन में विश्वास करती हूं और देश सेवा के लिए उनके साथ जुड़ रही हूं।”

7 सांसदों के इस्तीफे से ‘आप’ पस्त

गौरतलब है कि शुक्रवार को आम आदमी पार्टी में बड़ी फूट देखने को मिली थी। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। स्वाति मालीवाल भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं। एक साथ इतने बड़े चेहरों और सांसदों का साथ छोड़ना अरविंद केजरीवाल के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक सेटबैक माना जा रहा है।

स्वाति मालीवाल के इन आरोपों और पाला बदलने से दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि ‘आप’ इन गंभीर आरोपों का क्या जवाब देती है और आने वाले चुनावों में इस टूट का क्या असर पड़ता है।