स्वच्छता का ‘सरप्राइज टेस्ट’: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चोइथराम स्कूल के छात्रों से किया सीधा संवाद

Indore News: स्वच्छता के क्षेत्र में सात बार के सिरमौर इंदौर ने अब अपनी आगामी पीढ़ी को इस अभियान का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में ‘अ फॉरवर्ड स्टेप विद मेयर’ कार्यक्रम के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चोइथराम स्कूल का दौरा किया। यहाँ उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ न केवल स्वच्छता संवाद किया, बल्कि एक ‘सरप्राइज टेस्ट’ लेकर उनकी जागरूकता को भी परखा।

इंदौर की सफलता का मंत्र: व्यवहार परिवर्तन

संवाद के दौरान महापौर ने छात्रों से पूछा कि आखिर वह क्या कारण है जिसने इंदौर को लगातार नंबर वन बनाए रखा है? छात्रों ने बड़ी ही तत्परता से जवाब देते हुए ‘पब्लिक पार्टिसिपेशन’ (जनभागीदारी) और नागरिकों के व्यवहार में आए सकारात्मक बदलाव को इसका मुख्य आधार बताया। महापौर ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि इंदौर अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि स्वच्छता का एक वैश्विक ब्रांड बन चुका है। उन्होंने कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) के वैज्ञानिक पहलुओं को समझाते हुए छात्रों को प्रेरित किया कि वे इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

चुनौतियों पर बेबाक चर्चा: सीवरेज और जल संरक्षण

महापौर ने शहर की चुनौतियों को भी छात्रों के सामने रखा। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया:

  • इंदौर में प्रतिदिन लगभग 900 MLD सीवरेज उत्पन्न होता है।

  • वर्तमान उपचार (ट्रीटमेंट) क्षमता करीब 500 MLD है।

  • शेष सीवरेज नदियों में मिलने के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसके समाधान हेतु क्षमता विस्तार का कार्य जारी है।

उन्होंने पानी की आपूर्ति पर चर्चा करते हुए बताया कि इंदौर को काफी दूर स्थित स्रोतों से जल उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए जल संरक्षण अनिवार्य है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को सुझाव दिया कि पर्यावरण और स्वच्छता जैसे विषयों को नियमित अध्ययन का हिस्सा बनाया जाए।

छात्रों के सवाल और महापौर का ‘मेंटल मंत्र’

संवाद के अंतिम सत्र में विद्यार्थियों ने महापौर से तीखे और प्रासंगिक सवाल पूछे। छात्रों ने सोलर एनर्जी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, बढ़ता ट्रैफिक और फुटपाथों पर अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं पर महापौर का ध्यान खींचा।

एक छात्र ने जब पूछा कि “आप सार्वजनिक जीवन में नकारात्मकता और आलोचना को कैसे संभालते हैं?” तो महापौर ने बेहद संजीदगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आलोचना सुधार का अवसर देती है, बशर्ते हम अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और अडिग रहें। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शहर के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई।