Mumbai News: महाराष्ट्र के मीरा रोड इलाके में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नया नगर पुलिस और महाराष्ट्र एटीएस (एटीएस) ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने धार्मिक पहचान के बाद दो गरीब और बेगुनाह सुरक्षा गार्डों पर जानलेवा हमला किया। इस क विचारधारा ने इसे ‘लोन वुल्फ’ पर हमला किया है, जिसमें आतंकवादी किसी भी संगठन के सीधे संपर्क में आए बिना, इंटरनेट के माध्यम से प्रतिष्ठित आतंकवादी अकेले ही अस्तित्व को अंजाम देता है।
घटना की जानकारी….
सोमवार सुबह करीब 4 बजे, न्यू नगर स्थित एक बिल्डिंग में प्रिंस मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन ने दो गार्ड ड्यूटी पर काम किया। आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबेर अंसारी के रूप में की गई है। जांच में सामने आया है कि पहले वह गार्ड के पास आया और मस्जिद का रास्ता पूछा। कुछ देर बाद वह वापस लौट और गार्ड प्रिंस मिश्रा से उसका धर्म पूछा और अचानक चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसने केबिन में दूसरे गार्ड से ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। ऐसा ना कर पाने पर जुबेर ने गार्ड पर चाकू से कई वार दिए। फिलहाल दोनों घायल गार्ड्स अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
बुज़ुर्ग का सुपरमार्केट और ‘सेल्फ-रेडिकल्स’
सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जैब जुबेर अंसारी एक साइंस ग्रेजुएट है। वह साल 2000 से 2020 तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रहा। नौकरी न मिलना और पारिवारिक कलह के कारण वह भारत लौट आया और मुंबई के मीरा रोड इलाके में पर अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री की कोचिंग लेने लगा। फिलहाल आरोपी को ठाणे की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
एक परीक्षण की शुरुआत के दौरान उसके घर के चित्र वाले साक्ष्य मिले हैं:
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आईएसआईएस के होने के नोट्स: हाथ से लिखावट में शामिल संगठन आईएसआईएस में शामिल की इच्छा थी।
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डायरी का खुलासा: गार्ड्स पर हमलों को अपने साथी राह का ‘पहला कदम’ बताया गया था।
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डिजिटल साक्ष्य: लैपटॉप और मोबाइल से कट्टर सामग्री बरामद हुई है।
महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है ये घटना आत्म-उग्रवादीकरण (सेल्फ-रैडिकलाइजेशन) का लगता है।