इंदौर/जलूद: गर्मी ने आम आदमी से लेकर खास तक को परेशान कर रखा है। उसकी पहली जरूरत पंखा, कुलर और एसी बना हुआ है। वहीं इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है, जो दिन-ब- दिन महंगी हो रही है। इस महंगी बिजली से राहत दिलाने के लिए इंदौर नगर निगम द्वारा जलूद क्षेत्र में 60 मेगावॉट का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया है। इस सौर ऊर्जा प्लांट का लोकार्पण बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे।
29 अप्रैल को शाम 4:30 बजे जलूद में 271.16 करोड़ रुपये की लागत से बने 60 मेगावॉट क्षमता वाले विशाल सौर ऊर्जा प्लांट का विधिवत लोकार्पण होगा। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
आर्थिक राहत और बिजली की बचत
इंदौर नगर निगम के लिए यह प्रोजेक्ट एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है। वर्तमान में नर्मदा के पानी को शहर तक लाने और पंपिंग के लिए हर महीने लगभग 22 से 25 करोड़ रुपये का बिजली बिल चुकाना पड़ता है। इस प्लांट के शुरू होने से हर महीने 4 से 4.50 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी। मार्च महीने के परीक्षण के दौरान ही 3.64 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की जा चुकी है। भविष्य में बिजली खर्च का बोझ कम होने से निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
देश का पहला ‘ग्रीन बॉन्ड’ मॉडल
इंदौर देश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से 244 करोड़ रुपये जुटाकर इस सौर परियोजना को साकार किया है। यह प्लांट भारत सरकार की सीपीएसयू योजना (फेज-2) के तहत तैयार किया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार, सौर ऊर्जा का यह बढ़ता उपयोग न केवल जल आपूर्ति को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी इंदौर को एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित करेगा। यह कदम शहर को ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन की ओर ले जाने के संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।