इंदौर। बदलते दौर के साथ सबकुछ बदल चुका है। संगीत भी और भक्ति करने का तरीका भी। युवाओं को मॉडर्न संगीत पसंद है और यही कारण है कि वे भारतीय भक्ति संगीत के कुछ भजन तो सुनते हैं लेकिन असंख्य भजनों से दूर होते जा रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर युवाओं में अध्यात्म की प्रेरणा जगाने के लिए ‘इनर नाद’ बैंड की रचना की गई। इसमें सात कलाकार हैं जो सनातन और भक्ति को मॉडर्न कल्चर की ‘क्लबिंग’ कर भक्ति संगीत को एक नए और आधुनिक कलेवर में पेश करते हैं।
बैंड के फाउंडर अमय नायक ने बताया कि संगीत जगत में यह बात वर्षों से महसूस की जा रही थी, कि युवा पारंपरिक भक्ति संगीत से दूर हो रहे हैं या जल्द ही नीरस हो जाते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए हमने ‘इनर नाद’ बैंड शुरू किया। इसका उद्देश्य भारतीय संगीत की जड़ों को छोड़े बिना उसे आधुनिक रूप में ढालना है। हमारा समूह सूफी, हिंदी लाइट और पारंपरिक भजनों का रिदम और एक नए अरेंजमेंट के साथ पेश करता है। संगीत भारतीय और भक्तिमय ही रहता है लेकिन तरीका आधुनिक होता है। युवा न केवल इसे सुनते हैं बल्कि महसूस करते हुए एन्जॉय भी करते हैं।
देश भर में परफॉर्मेंस, विदेश की तैयारी
इस बैंड की लाइव परफॉर्मेंस को जनरेशन-ज़ी (Gen Z) और युवा काफी पसंद कर रहे हैं। महज एक वर्ष पहले बनाया गया यह बैंड ‘इनर नाद’ देश भर में 30 से भी ज्यादा परफॉर्मेंस दे चुका है। गोवा, कोंकण, दिल्ली, लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों सहित पूरे भारत में लाइव प्रोग्राम देने के बाद अब यह बैंड दुबई में परफॉर्म करने जा रहा है। इंदौर की आर्टिस्ट अस्मिता गौरव हर्ष फिल्म प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी काम कर चुकी हैं और उनके साथ बैंड में ईशा गौर, कोंठो दास, कार्तिक मिश्रा, साजिद खान ,पप्पू दा और फहाद मुख्य कलाकार के रूप में शामिल हैं। सभी कलाकार संगीत के ही क्षेत्र में निपुण और तजुर्बेकार प्रोफेशनल्स हैं और इस बैंड के अनोखे कॉन्सेप्ट के कारण इसका हिस्सा बने।
क्या है ‘इनर नाद’
इनर नाद बैंड ‘भजन क्लबिंग’ के अपने अनूठे कॉन्सेप्ट के जरिए आध्यात्मिकता को एक ‘कूल’ और ऊर्जावान पहचान दे रहा है। आध्यात्मिक दर्शन में इनर नाद का अर्थ है ‘अनाहत नाद’ या ‘अनहद नाद’। यानी वह ध्वनि जो बिना किसी चोट, टकराव के हमारे भीतर गूँजती है। इसी दार्शनिक सोच से प्रेरित होकर यह बैंड ऐसी ‘इमर्सिव परफॉर्मेंस’ देता है, जहाँ संगीत केवल कानों तक नहीं सीमित रहता, बल्कि आत्मा को छूता है। दो से ढाई घंटे का लाइव शो कॉन्सर्ट ध्यानपूर्ण शांत सुरों से शुरू होकर हाई एनर्जेटिक पीक लेवल तक जाता है। ‘इनर नाद’ केवल एक बैंड नहीं, बल्कि एक जागरूकता अभियान है जो युवाओं को यह सिखा रहा है कि भक्ति केवल शांत बैठकर किया जाने वाला काम नहीं, बल्कि संगीत के साथ आनंद और उत्सव मनाने का जरिया भी है।
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