इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए इसे मंदिर मानते हुए हिंदुओं को पूजा का अधिकार दिए जाने संबंधी महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत करते हुए ऐतिहासिक न्याय बताया है। महापौर परिषद सदस्य राजेश उदावत,भाजपा नेता शैलेन्द्र महाजन ने हाईकोर्ट के फैसले पर कहा कि सनातन धर्म पर इतिहास में लगातार आक्रमण हुए मंदिर तोड़े गए अयोध्या,सोमनाथ आदि इसके प्रतेक्ष उदारहण है,और हिंदू संस्कृति को मिटाने के प्रयास किए गए।लेकिन हिंदू समाज अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा।
सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता,हाईकोर्ट ने धार सरस्वती मंदिर पर पूजा करने के दिए गए फैसले ने यह आज फिर साबित कर दिया है । उदावत व महाजन ने कहा कि धार भोजशाला के लिए सनातनियों ने लंबे समय तक संघर्ष किया और न्यायालय पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने फैसले को “सत्य और सनातन की जीत” बताया। उदावत व महाजन ने बताया की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी। हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चलती रही।और आज 15 मई को ऐतिहासिक फ़ैसला सबके सामने है।