ट्रिपल इंजन नहीं, विनाश और भ्रष्टाचार की सरकार बन चुकी है भाजपा इंदौर का 90% पानी दूषित, जनता को ज़हरीला पानी पिलाया जा रहा — जीतू पटवारी

इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा की तथाकथित “ट्रिपल इंजन सरकार” पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार यह दलील देती रही कि केंद्र, राज्य और नगर निगम में एक ही दल की सरकार होने से शहर के विकास में धन की कमी नहीं होगी, योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति मिलेगी और जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इंदौर की स्थिति इसके ठीक विपरीत है।

उन्होंने कहा कि इंदौर ने भाजपा को 9 विधायक दिए, जिनमें दो कैबिनेट मंत्री — नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट शामिल हैं। इसके अलावा सांसद, महापौर और पूरी नगर निगम परिषद भाजपा के पास है, फिर भी आज पूरा शहर भीषण जल संकट, दूषित पेयजल और अव्यवस्थित विकास का दंश झेल रहा है।

पटवारी  ने कहा कि कांग्रेस द्वारा इंदौर की 7 विधानसभाओं से 240 पानी के सैंपल लेकर देश की सर्वश्रेष्ठ लैब में परीक्षण कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकांश क्षेत्रों में नर्मदा पेयजल दूषित और संक्रमित पाया गया तथा कई स्थानों पर सीवरेज युक्त काला पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर का लगभग 90 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं रह गया है और जनता अनजाने में ज़हरीला पानी पीने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि भगीरथपुरा क्षेत्र में 36 से अधिक निर्दोष नागरिक दूषित पानी पीने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जनता के जीवन के साथ अपराध है। नगर निगम अधिकारियों और भाजपा जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी थी कि वे समय रहते पानी की गुणवत्ता की जांच करवाते, लेकिन किसी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस द्वारा तैयार की गई वाटर ऑडिट रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी को सौंपी जाएगी। यदि सरकार चाहे तो इस रिपोर्ट की पुनः स्वतंत्र जांच करवा सकती है या सोशल वाटर ऑडिट करवा सकती है।

पटवारी ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर नगर निगम पर लगातार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन आज तक किसी बड़े अधिकारी या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री स्वयं इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई शून्य है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति में डूबी हुई है। विज्ञापनों और झूठे प्रचार के माध्यम से इंदौर को “वाटर प्लस सिटी” बताकर जनता को भ्रमित किया गया, जबकि आज पूरा शहर बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। भाजपा के झूठ के गुब्बारे की हवा अब निकल चुकी है।

पटवारी ने भोपाल से लाए गए जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर भोपाल में यह कचरा रखा गया था, वहां का पानी पहले ही दूषित हो चुका है। कांग्रेस ने इसका विरोध किया, लेकिन सरकार कोर्ट का आदेश लेकर जनता पर निर्णय थोपती रही। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी की इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि पीथमपुर में जलाए गए जहरीले कचरे का प्रभाव यशवंत सागर के कैचमेंट एरिया पर भी दिखाई दे सकता है।

पत्रकार वार्ता में पटवारी ने इंदौर के 6 तालाबों के सूखने, शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर और सूखते बोरिंगों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम द्वारा किए गए वाटर रिचार्ज कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद परिणाम शून्य हैं।

उन्होंने छावनी सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर की जा रही तोड़फोड़ का भी विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि वर्षों से बसे रहवासियों के वैध निर्माणों को “सेटबैक” के नाम पर तोड़ा जा रहा है, लेकिन प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तक नहीं दिया जा रहा। उज्जैन में प्रभावितों को मुआवजा दिया जाता है, तो इंदौर की जनता के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है। पहले 20 फीट सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता बताई जाती है, फिर प्रशासनिक दबाव बनाकर 40 फीट तक तोड़फोड़ की जाती है और बाद में विरोध होने पर 20 फीट पर आकर जनता पर एहसान जताया जाता है।
पटवारी ने कहा कि टीडीआर और एफएआर के नाम पर भी जनता को गुमराह किया जा रहा है। आम नागरिकों को उनके अधिकारों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती और प्रशासनिक दबाव में उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह देश की पहली “ट्रिपल इंजन सरकार” है जो बिना मास्टर प्लान के शहर का विकास करने का दावा कर रही है। अब यह विकास है या विनाश, इसका फैसला जनता स्वयं करेगी।

पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, इंदौर संगठन के पूर्व प्रभारी संजीव सक्सेना एवं प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया उपस्थित थे।