भोजशाला विवाद: प्रशासन को अल्टीमेटम – नमाज भोजशाला से दूर हो, वरना धार के साथ इंदौर भी बंद रहेगा

इंदौर/धार, 24 अगस्त 2026: मां सरस्वती मंदिर भोजशाला को लेकर चल रहे आस्था और न्याय के संघर्ष में वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन (भारत) के मध्य प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि अगले शुक्रवार (28 अगस्त) को जुमे की नमाज भोजशाला परिसर से दूर निर्धारित स्थान पर ही अदा की जाए। यदि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का अक्षरशः पालन नहीं करता और नमाज परिसर के निकट होती रही तो धार जिले के साथ-साथ इंदौर में भी पूर्ण बंद का आह्वान किया जाएगा।

संजय अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “न्याय की अनदेखी और आस्था का अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक परिसर से सटी उपयुक्त खुली जगह पर नमाज की सुविधा दी जाए। लेकिन जिला प्रशासन खसरा नंबर 612 जैसे निकटवर्ती स्थान पर व्यवस्था कर रहा है, जो हिंदू समाज की भावनाओं के विपरीत है और संरक्षित स्मारक के नियमों का उल्लंघन है। अगले शुक्रवार नमाज भोजशाला से पर्याप्त दूरी पर होनी चाहिए। नहीं तो धार के साथ इंदौर भी बंद रहेगा।”

उन्होंने कल 25 अगस्त (मंगलवार) को दोपहर तक धार जिला बंद के आह्वान का पूर्ण समर्थन किया। सकल हिंदू समाज, जिला धार द्वारा जारी किए गए पोस्टर के अनुसार यह बंद जिला प्रशासन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन न किए जाने के विरोध में है। बंद के बाद सामूहिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन केवल धार तक सीमित नहीं रहेगा। इंदौर जैसे बड़े शहर में भी हिंदू समाज एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएगा।

अग्रवाल ने याद दिलाया कि 15 मई 2026 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भोजशाला परिसर को मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया था और 2003 के एएसआई आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत शुक्रवार को परिसर के अंदर नमाज होती थी। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2026 में हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई, बल्कि अंतरिम व्यवस्था के रूप में परिसर के निकट खुली जगह पर नमाज की अनुमति दी। हाल के शुक्रवारों पर खसरा 612 पर नमाज और उसी समय भोजशाला में हनुमान चालीसा पाठ के साथ भारी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए, लेकिन हिंदू संगठन इसे पर्याप्त नहीं मानते।

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस समेत कई संगठनों ने पहले भी 100 मीटर या उससे अधिक दूरी पर मार्किंग और खसरा 612 पर नमाज बंद करने की मांग की है। अग्रवाल ने कहा कि राजा भोज की नगरी धार की यह धरोहर सदियों से हिंदू आस्था का केंद्र रही है। पूर्वजों ने इसके लिए संघर्ष किया और विजय प्राप्त की। अब आने वाली पीढ़ी को फिर से वही संघर्ष न करना पड़े, इसी संकल्प के साथ समाज एकजुट है।

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन करे, संरक्षित क्षेत्र की स्पष्ट मार्किंग करे और आस्था का सम्मान करे। “यदि प्रशासन नहीं सुधरा तो हिंदू समाज शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन करेगा। धार जिला बंद के बाद इंदौर बंद भी एक विकल्प है,” अग्रवाल ने चेतावनी दी।

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। तब तक अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी। वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन और अन्य हिंदू संगठन लगातार सतर्कता बनाए हुए हैं और समाज से शांति तथा एकता बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

संजय अग्रवाल वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं और भोजशाला सत्याग्रह में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।