कुछ जीतें स्कोरबोर्ड से कहीं आगे जाकर हासिल होती हैं। यह वास्तव में एक दिव्य और यादगार क्षण था, जब भारतीय क्रिकेट टीम के गौरव और विजयी T20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मुंबई के घाटकोपर स्थित पारसधाम में परम नम्रमुनि गुरुदेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस यात्रा को और भी प्रेरणादायक बनाता है सूर्य भैया का जैन जीवन के मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति बढ़ता जुड़ाव।

मंत्र साधना का अभ्यास, खान-पान में अनुशासन, सूर्यास्त के बाद भोजन न करना, सभी जीवों के प्रति करुणा और आध्यात्मिक विकास के प्रति उनकी सच्ची रुचि यह दर्शाती है कि वास्तविक सफलता केवल मैदान पर उपलब्धियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि स्वयं के भीतर होने वाले परिवर्तन में भी निहित होती है।

जैन शासन के लिए यह गर्व और आनंद का विषय है कि एक प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेटर, अपने खेल जीवन के शिखर पर रहते हुए भी, अपने व्यक्तिगत जीवन में जैन सिद्धांतों को अपना और अनुभव कर रहे हैं। ईश्वर करे यह सुंदर परिवर्तन जैन शासन के आध्यात्मिक आकाश में एक दिव्य और प्रकाशमान सितारे की तरह चमके और अनगिनत युवाओं को जैन धर्म के शाश्वत मूल्यों को जानने और अपनाने के लिए प्रेरित करे।

घायल और बीमार आवारा पशुओं एवं पक्षियों की सेवा के लिए समर्पित Always Care Arham Animal Ambulance का उद्घाटन करना भी जीव दया और अहिंसा के जैन सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने का सुंदर उदाहरण है। इस विशेष अवसर पर JITO Apex के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी के प्रति विशेष आभार। उनके सहयोग और प्रयासों ने इस सार्थक मुलाकात और गुरुदेव से सूर्य भैया के आध्यात्मिक जुड़ाव को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को जैन धर्म के मूल्यों के करीब लाने में उनका योगदान वास्तव में सराहनीय है। इस सुंदर आध्यात्मिक जुड़ाव की एक कड़ी बनने का अवसर मिलना मेरे लिए सौभाग्य और कृतज्ञता का विषय है। गुरुदेव का आशीर्वाद सदैव सूर्य भैया का मार्गदर्शन करता रहे और उन्हें सफलता, आंतरिक शांति, करुणा एवं आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाए।