करांची
पाकिस्तान क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर लगातार मुश्किलों में घिरी हुई है. दो टेस्ट मैच गंवाने के बाद टीम तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से पीछे है और अब तीसरे टेस्ट में उसके सामने क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है. आज (9 सितंबर) से तीसरा टेस्ट एजबेस्टन (बर्मिंघम) में होना है, जहां पाकिस्तान टीम अपनी बची-खुची इज्जत बचाने के लिए उतरेगा. ऐसे में सवाल है कि कहीं वसीम अकरम का यह दावा सही ना हो जाए।
द एथलेटिक से बात करते हुए वसीम अकरम ने दावा किया कि इस सीरीज के नतीजे का अंदाजा पहले ही हो गया था. अकरम ने दावा किया है कि सीरीज शुरू होने से पहले ही उन्हें पता था कि पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ 3-0 से सीरीज गंवा देगा. अकरम ने 'द एथलेटिक' के हवाले से कहा- मुझे सीरीज शुरू होने से पहले ही पता था कि हम इंग्लैंड से 3-0 हारने वाले हैं।
वसीम अकरम को आखिर क्यों इतनी निराशा थी ?
अकरम ने पाकिस्तान टीम की तीनों प्रमुख यूनिट पर सवाल उठाए. उनके मुताबिक टीम की बल्लेबाजी संघर्ष कर रही है, गेंदबाजी एवरेज लेवल से भी नीचे है और फील्डिंग उससे भी खराब स्थिति में है. ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है।
पाकिस्तान अब इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट हार चुका है और तीसरा व आखिरी टेस्ट बुधवार से शुरू होना है. ऐसे में अकरम की 3-0 वाली भविष्यवाणी अब टीम के सामने खड़ी दिखाई दे रही है।
दूसरे टेस्ट के बाद PCB ने किया बड़ा सफाया
पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन की चर्चा सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही. दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऐसा फैसला लिया, जिसने दुनियाभर के क्रिकेट फैन्स और एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया।
PCB ने टीम में बड़ा फेरबदल करते हुए 7 खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस पाकिस्तान भेज दिया. इसके साथ ही हेड कोच सरफराज अहमद और उनके सपोर्ट स्टाफ को भी पद से हटा दिया गया।
टीम के प्रदर्शन के बाद PCB की इस कार्रवाई पर क्रिकेट जगत में काफी सवाल उठे. वसीम अकरम भी इस पूरे मामले को लेकर खिलाड़ियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं, लेकिन उनका मानना है कि खिलाड़ियों का रवैया भी हालात सुधारने में मदद नहीं कर रहा।
दो हाथों से ही ताली बजती है… ऐसा क्यों बोले अकरम
अकरम ने पाकिस्तान की स्थिति समझाने के लिए एक मशहूर कहावत का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा- पाकिस्तान में एक कहावत है- आप सिर्फ दो हाथों से ही ताली बजा सकते हैं।
अकरम के मुताबिक उनसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या वह पाकिस्तान क्रिकेट की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं. लेकिन उनका मानना है कि समस्या इतनी गहरी है कि सिर्फ किसी एक व्यक्ति के प्रयास से इसे ठीक नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में समस्याएं बहुत गहरी हैं।
वसीम अकरम ने पाकिस्तान के मौजूदा खिलाड़ियों की स्थिति पर भी बात की. उनका कहना है कि ये देश के टॉप खिलाड़ी हैं और इनके नीचे ऐसा कोई मजबूत सिस्टम मौजूद नहीं है, जहां से लगातार बेहतर खिलाड़ी तैयार होते रहें।
अकरम ने कहा कि घरेलू स्तर पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट सिस्टम पिछले कुछ वर्षों में पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा है. इसमें निरंतरता की कमी है और खिलाड़ियों को पर्याप्त धैर्य भी नहीं दिया जाता. उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में समस्या सिर्फ नेशनल टीम के प्रदर्शन की नहीं है. इसके पीछे घरेलू क्रिकेट का कमजोर ढांचा भी बड़ी वजह है।
इंग्लैंड में पाकिस्तान की हालत खराब
वसीम अकरम खुद उस पाकिस्तान टीम का अहम हिस्सा रहे हैं, जिसने इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन किया था. वह 1987 और 1996 में इंग्लैंड में पाकिस्तान की लगातार तीन टेस्ट सीरीज जीत का हिस्सा रहे थे।
1996 में इंग्लैंड में सीरीज जीतने वाली पाकिस्तान टीम की कप्तानी भी अकरम ने की थी. यही वजह है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों और पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर उनकी टिप्पणी को खास महत्व दिया जा रहा है।
फिलहाल पाकिस्तान 0-2 से पीछे है और तीसरा टेस्ट उसके लिए सीरीज बचाने से ज्यादा क्लीन स्वीप से बचने की लड़ाई बन गया है. अकरम ने जो 3-0 का अनुमान सीरीज शुरू होने से पहले लगाया था, अब वही पाकिस्तान टीम के सामने सबसे बड़ा खतरा बनकर खड़ा है।