झारखंड में VB-G RAM G योजना की निगरानी के लिए बनेगी परिषद, CM होंगे अध्यक्ष

रांची
 राज्य में वीबी-जी राम जी योजना के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया जाएगा. ग्रामीण विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है. जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होने की संभावना है. परिषद में अधिकारियों के साथ 15 गैर सरकारी सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य योजना के संचालन, निगरानी, मूल्यांकन और शिकायत निवारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है. वीबी-जी राम जी अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू है और इसके तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान है.

मुख्यमंत्री होंगे परिषद के अध्यक्ष
राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे. राज्य स्तरीय सामान्य सभा में पंचायती राज, वित्त, वन एवं पर्यावरण, जल संसाधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, भवन निर्माण, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता, कल्याण तथा श्रम एवं कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के मंत्री सदस्य होंगे. परिषद में मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव भी शामिल होंगे. योजना आयुक्त को सदस्य सचिव बनाया जायेगा. इसके अलावा राज्य सरकार कम से कम 15 गैर सरकारी सदस्यों को नामित करेगी.

योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन करेगी परिषद
परिषद का मुख्य काम योजनाओं के प्रभावी संचालन और निगरानी को सुनिश्चित करना होगा. इसके अलावा योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा तथा राज्य सरकार को योजना से जुड़े विभिन्न मामलों में सुझाव भी दिए जाएगे. परिषद वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के साथ निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी. जरूरत के अनुसार इसमें सुधार के लिए सिफारिश की जाएगी.

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी संचालन समिति
योजना के परिचालन संबंधी मार्गदर्शन, समन्वय और निगरानी के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति का भी गठन किया जाएगा. इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे या राज्य सरकार द्वारा नामित अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. संचालन समिति का खाका भी तैयार किया गया है. समिति राज्य में योजना की तकनीकी और परिचालन जरूरतों के साथ डिजिटल प्रणालियों, निगरानी व्यवस्था और प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर मार्गदर्शन देगी.