केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर दिल्ली-एनसीआर से बाहर पहली बार विजयवाड़ा में 'राष्ट्रीय सरस मेला': 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी शुभारंभ
ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई उड़ान: विजयवाड़ा में सजेगा 34 राज्यों की 1000 लखपति दीदियों का महाकुंभ- शिवराज सिंह चौहान
'वोकल फॉर लोकल' से सशक्त भारत: माननीय राष्ट्रपति की मौजूदगी में शुरू होगा 650 से अधिक स्टॉल्स वाला राष्ट्रीय सरस मेला- शिवराज सिंह चौहान
जन-जन तक पहुंच के लिए दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय सरस मेले के आयोजन में पहली बार कृष्णा नदी के तट पर दिखेगी मिनी भारत की झलक- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह
विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)/नई दिल्ली
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित पुन्नमी घाट पर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रीशिवराज सिंह चौहान की पहल पर पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर ‘राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक एवं भव्य मेले का औपचारिक शुभारंभ 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीशिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रीएन. चंद्रबाबू नायडू, उप-मुख्यमंत्रीपवन कल्याण, राज्य के राज्यपाल और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
दिल्ली-एनसीआर से बाहर पहली ऐतिहासिक पहल
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रीशिवराज सिंह चौहान के राष्ट्रीय आयोजनों को विकेंद्रीकृत कर देश के विभिन्न हिस्सों तक ले जाने के विज़न के तहत यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय स्तर का सरस मेला दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं से बाहर आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रीचौहान ने कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि देश के सुदूर गांवों की महिलाओं की आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और उनकी हुनरमंदी का राष्ट्रीय उत्सव है।
34 राज्यों की 1,000 से अधिक दीदियां और 650 से ज्यादा स्टॉल्स
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और आंध्र प्रदेश 'सर्फ़' (SERP) के सहयोग से आयोजित इस मेले में देश के 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की लगभग 1,000 महिला उद्यमी और कारीगर भाग ले रही हैं। मेले में 650 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ पारंपरिक हथकरघा, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और घरेलू वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी।
6 करोड़ 'लखपति दीदी' का लक्ष्य
मेले के दौरान माननीय राष्ट्रपति और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री की उपस्थिति में 'लखपति दीदी संग्रह' (Lakhpati Didi Compendium) और 'सरस शक्ति एप्लिकेशन' का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही देशभर में 6 करोड़ लखपति दीदियां तैयार करने के राष्ट्रीय संकल्प को प्रदर्शित करती एक विशेष फिल्म भी दिखाई जाएगी।
विशेष आकर्षण: इंडिया फूड कोर्ट और लाइव डेमो
इंडिया फूड कोर्ट: देश के 28 राज्यों की 200 से अधिक महिला शेफ अपने-अपने क्षेत्रों के पारंपरिक और लजीज व्यंजन (जैसे लिट्टी चोखा, हैदराबादी दम बिरयानी, मक्के दी रोटी-सरसों का साग, वन सुंदरी आदि) शुद्ध देसी मसालों के साथ लाइव तैयार करेंगी। थीमैटिक पवेलियन: मेले में लखपति दीदी पवेलियन, नॉलेज पवेलियन, कन्वर्जेंस पवेलियन और लाइव डिमोंस्ट्रेशन पवेलियन बनाए गए हैं। यहाँ मिट्टी के बर्तन बनाने से लेकर कढ़ाई-बुनाई की लाइव कला देखने को मिलेगी, साथ ही अमेजन, फ्लिपकार्ट, नाबार्ड और प्रमुख उद्योग मंडलों के विशेषज्ञ महिलाओं को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स की ट्रेनिंग देंगे।
माननीय राष्ट्रपति स्वयं स्टॉल्स का भ्रमण कर महिला उद्यमियों से बातचीत करेंगी और विभिन्न राज्यों की लखपति दीदियों के साथ दोपहर का भोजन भी साझा करेंगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले में पहुँचें और 'वोकल फॉर लोकल' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को मजबूत करते हुए इन ग्रामीण दीदियों के हुनर व उत्पादों को अपना पूरा समर्थन दें।