मंत्री एवं महापौर ने झोन अध्यक्षों एवं पार्षदों को शहर विकास एवं स्वच्छता का पढ़ाया पाठ

महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि झोन समिति की बैठक का आयोजन कैलाश विजयवर्गीय , नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री, म.प्र.शासन के, मुख्य अतिथि, एवं रमेश मेंदोला, विधायक, सभापति मुन्ना लाल यादव के विशेष आतिथ्य एवं समस्त जोन अध्यक्ष, पार्षद एवं महापौर परिषद सदस्यों की उपस्थिति में ग्लोबल गार्डन, स्कीम नं. 113 नक्षत्र मार्डन, ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के पास किया गया। कार्यक्रम के अंत में झोन समिति झोन क्रमांक 07 पूजा पाटीदार ने आभार माना।
समस्त अतिथि एवं पार्षदों द्वारा ग्लोबल गार्डन एवं युरेशिया गार्डन का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी जनकार्य एवं उद्यान विभाग राजेंद्र राठौर, अध्यक्ष, सचेतक कमल वाघेला, झोन समिति झोन क्रमांक 07 पूजा पाटीदार, समस्त महापौर परिषद सदस्य, जोन अध्यक्ष एवं पार्षदगण उपस्थित थे।
इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से गोल्डन क्लब सिटीज एवं स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वेक्षण के संबंध में प्रजेंटेशन दिया गया। नगरीय एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से इंदौर ने मुझे अपार स्नेह और प्यार  दिया है। इस शहर को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने नगर परिषद के पार्षदों को निर्देश देते हुए कहा कि उनका व्यवहार जनता के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक होना चाहिए। पार्षदों को ऐसा काम करना चाहिए कि लोग उन्हें उनके पद छोड़ने के बाद भी सम्मान और आदर के साथ याद रखें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पार्षदों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, और इनका प्रभावी उपयोग करके जनता की भलाई के कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने पार्षदों से अपील की कि वे जनता के साथ संबंध मजबूत रखें और अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर के लिए ट्रैफिक एक बड़ा चैलेंज है। इसे सुधारने के लिए एक व्यापक और प्रभावी योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएं। इंदौर को देश का एक आदर्श शहर बनाना है। विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री द्वारा 51 लाख पौधों के अभियान की प्रशंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने इंदौर को पर्यावरण संरक्षण में देशभर में एक मिसाल बना दिया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पार्षदों के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी को दृष्टि कर सकते हुए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया है जिसमें हमने पिछली बार जो एक काम शुरू किया था कि स्वच्छ वार्ड की कंपटीशन और श्रेष्ठ पार्षद प्रतियोगिता जिसमें परसों दोनों अपनी बड़ी अच्छी भूमिका निभाई। लेकिन आज के इस अवसर पर मेरे आपसे दो आग्रह है एक पिछले दो सालों में हमने जो काम किया है उसका एक बार फिर से हम अवलोकन करें अपने-अपने वार्ड के लिए जो आपने संकल्पना की है उसमें आप कितने आगे बढ़े उसका एक आकलन करें और बचे हुए काम को आने वाले शेष कार्यकाल में हम कैसे पूरा करें।
महापौर भार्गव ने कहा कि जब हमारी परिषद का गठन हुआ था, उसे समय हमारे सामने बहुत चुनौतियां थी, उन चुनौतियों के साथ हम सब अपने काम का आकलन कर कर हम आगे बढ़े। पहले निगम में जहां ठेकेदारों का 800 करोड रुपए का कर्ज हमको चुकाना था, जिसे हमने कर्ज को आज वर्तमान में आधा कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमने जो अपना 5 साल का रोड मैप बनाया वह था कि 5 साल में 2050 के इंदौर की हम आधारशिला रखी । शहर में 22 मास्टर प्लान की सड़के एक साथ बनेगी उसका टेंडर खुल गया उसकी एजेंसी तय हो गई और  मास्टर प्लान की सड़क बन जाए इसका प्रस्ताव हमने पास कर दिया है। स्वच्छता में नवाचार करने के लिए ग्रीन वेस्ट से हम कॉल बनाने का प्रोसेसिंग प्लांट हमने सैंक्शन कर दिया।
महापौर भार्गव द्वारा स्वच्छता अभ्यास वर्ग के दौरान समस्त पार्षदों से कहा की जो काम आप कर रहे हो, उसका प्रचार प्रसार करें,  जनता के बीच तक वह काम जाए, इसके लिए आपके वार्ड में जो भी रहवासी संघ के अध्यक्ष हैं उनको आप हर 15 दिन में चाय पर बुलाओ, जो काम हुआ है उसकी चर्चा करो उनसे सुझाव लो। जो काम होने जैसे हो वह तुरंत करें जो नहीं होने जैसे काम है उसका प्लान बनाकर प्रस्ताव भेजे। उन्होंने कहा कि आपने जो भी काम किया है उसका व्यापक प्रचार प्रसार हो।
इस अवसर पर स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग प्रतियोगिता के तहत वार्ड रैंकिंग और पार्षद रैंकिंग प्रतियोगिता का आयोजन के संबंध में विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें स्वच्छता एवं विकास कार्यों को लेकर आयोजित होने वाली वार्डवार प्रतियोगिता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
 इसके साथ ही इंदौर क्लाइमेट मिशन पर भी कार्य में सहभागिता के लिए आवश्यक जानकारी दी गई।   स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत पूरे देश में गोल्डन क्लब सिटी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंदौर भी पहला प्रतिभागी हुआ है।
स्वच्छ इंदौर वार्ड रैंकिंग 2024 
स्वच्छ वार्ड रैंकिंग पहल, इंदौर के महापौर और आयुक्त के नेतृत्व में, वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छता को निरंतर बनाए रखना और सभी नागरिकों को स्वच्छता मिशन में शामिल करना है।
उद्देश्यः
1. सभी वार्डों में निरंतर स्वच्छता प्रयास सुनिश्चित करना।
2. वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा द3. ेना।
3. नागरिकों, व्यापारियों, और अन्य संस्थानों को स्वच्छता में भागीदारी के लिए प्रेरित करना।
4. सामुदायिक शौचालय और सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय स्वच्छता।
5. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित करना।
 स्वच्छ इंदौर वार्ड रैंकिंग 2024 
 कचरा प्रबंधन और ठोस कचरा संग्रहण
इसके साथ ही घर-घर से गीला, सूखा और खतरनाक कचरे का 100% पृथक्करण और संग्रहण
सामुदायिक/घरेलू स्तर पर कम्पोस्टिंग और 3R गतिविधियों (Reduce, Reuse, Recycle) को बढ़ावा
लिटिरबिन की उपलब्धता और सार्वजनिक स्थलों पर दृश्य स्वच्छता
सार्वजनिक स्थान पर रेड स्पॉट का ना पाया जाना
वार्ड मे जीरो जी.वी.पी. (कचरा मुक्त क्षेत्र)
बड़े कचरा जनरेटर (BWG) द्वारा स्वच्छता मानकों का अनुपालन
सी एंड डी (निर्माण और विध्वंस) कचरे का प्रबंधन और पुनर्चक्रण
 तरल कचरा प्रबंधन
नालों का नियमित सफाई और काले पानी का पूर्ण उन्मूलन
स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज (SWD) की सफाई और अड़चनों का न होना
सीवर चेम्बरों का नियमित रख रखाव और ओवर फ्लो की रोकथाम
सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की स्वच्छता और कार्यशीलता
नदियों और जलाशयों के आस पास कचरे की अनुपस्थिति
 सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता
सामुदायिक बेठको का आयोजन, स्कूलों, बाजरो, सरकारी विभाग, अस्पतालों में स्वच्छता अभियान और प्रतिस्पर्धा, मासिक बेस्ट आयोजन की सफलता और सामूहिक भागीदारी, सफाई मित्रों की सक्रियता
 सौंदर्य और सार्वजनिक स्थल प्रबंधन
सड़कों, फुटपाथों, और गलियों की पक्की स्थिति और सौंदर्यीकरण सार्वजनिक स्थलों पर स्पष्ट और सही संकेतक, दीवार चित्रकारी और कचरे से बनी कलाकृति का उपयोग, फव्वारे, चोराहे और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्याकरण, बैकलेंस और खाली भूखंडों की सफाई