सीताराम ठाकुर, भोपाल
मप्र में पब्लिक नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों की डिमांड तथा घोषणाओं पर ही सडक़ें ( Roads ) बनाई जाती है, चाहे सरकार से बजट में उतनी राशि क्यों ना मिले, लेकिन डिमांड पूरी करने पीडब्ल्यूडी पीछे नहीं रहता है। इसका उदाहरण प्रथम अनुपूरक बजट में सामने आया है, जहां नेताओं ने 4,445 करोड़ से 550 सडक़ों के निर्माण की डिमांड की थी और बजट में केवल 1050 करोड़ रुपए ही मिल सके। अब साल खत्म होने को है और तृतीय अनुपूरक में फिर पैसे मांगने की तैयारी है।
491 Roads का किया जाना है निर्माण
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट से काम कराने के लिए विधायकों, मंत्री, सांसद और सीएम द्वारा की गई घोषणाओं पर 491 सडक़ों ( Roads ) का निर्माण 4,640 करोड़ में किया जाना है। इससे 3,427 किमी में सडक़ों का निर्माण कराया जाएगा। लेकिन बजट के बराबर अनुपूरक बजट में भी डिमांड की भरमार सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान 40 सडक़ों की घोषणा की। 308 किमी लंबी इन सडक़ों के निर्माण पर 1227 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। वैसे सीएम घोषणाओं का 70 से 80 प्रतिशत काम पूरा कराया जा चुका है। लेकिन 550 सडक़ों के निर्माण पर खर्च होने वाली 4,445 करोड़ की राशि की व्यवस्था पीडब्ल्यूडी विभाग ने कर पा रहा है। ईएनसी केपीएस राणा के मुताबिक, अनुपूरक बजट में ही उसे एक हजार करोड़ रुपए मिले, जिससे काम पूरा होना संभव नहीं है। 4,445 करोड़ की राशि से 2177 किमी में सडक़ें निर्मित कराई जानी है।
घोषणा और ए प्लस की स्थिति…
विवरण | संख्या | किमी | लागत (करोड़ रुपए) |
---|---|---|---|
सीएम की घोषणा | 40 | 308 | 1,227 |
सीएम मॉनिट ए | 247 | 135 | 372 |
सीएम मॉनिट ए प्लस | 16 | 114 | 145 |
सीएम मॉनिट ए कार्य | 192 | 772 | 1,537 |
मंत्रियों की अनुशंसा | 167 | 611 | 920 |
मुख्य बजट में मांग | 491 | 3,427 | 4,640 |
कुल राशि (करोड़ रुपये में) | – | – | 9,085 |
नहीं कराए जा सकेंगे समय पर काम
सरकार द्वारा मुख्य बजट में सडक़ों के काम के लिए 4,640 करोड़ का प्रावधान किया गया है और अनुपूरक बजट में डिमांड के हिसाब से बजट नहीं मिल सका। जिसके चलते तृतीय अनुपूरक में भी सडक़ों पर राशि खर्च करने प्रावधान किया जाएगा। वैसे 31 मार्च तक ही पीडब्ल्यूडी सभी अनुशंसाओं पर काम करा पाएगा, जबकि कई काम पिछले साल 2023-24 में मंजूर होने के बाद भी आज तक शुरू नहीं कराए जा सके हैं। यह काम राजनीति में उलझ गया हैं।