State President बनने का मकड़जाल बुनने वाले नेताओं की उड़ी नींद

रामानंद तिवारी, भोपाल

मध्य प्रदेश को नया प्रदेश अध्यक्ष ( State President ) इस सप्ताह मिलेगा ऐसे कयासों पर विराम लग गया है। अब नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा नव रात्रि में हो सकती है। बेंगलुरू में संघ की तीन दिवसीय बैठक होने जा रही है। संघ की प्रत्येक वर्ष मार्च में होने वाली अखिल भारतीय प्रांत प्रतिनिधि सभा की बैठक 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में आयोजित की गई है। इस बैठक में संघ के सभी वरिष्ठ पदाधिकारीयों के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल होंगे।

संघ की बैठक के बाद होगा State President का फैसला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ( State President ) की जल्द घोषणा होगी जैसी खबरों पर संगठन की कार्यप्रणाली से स्वत: पानी फिर गया है। दरअसल, केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का दौर नहीं हो सका है। पार्टी पदाधिकारियों,सांसद एवं विधायकों से रायशुमारी ना होने के चलते ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि संघ की बैठक और प्रदेष के नेताओं से रायशुमारी जैसी रस्मअदायगी पूर्ण होते ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकेगी।

दावेदारों में चल रहा लंबे समय से आगे-पीछे का खेल

मध्य प्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन में आपसी रस्साकशी चरम पर है, ऐसी स्थिति में भाजपा संगठन प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा में जल्दबाजी नही करना चाहता। प्रदेश अध्यक्ष के चयन से पूर्व वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी होगी। हालांकि प्रदेश के कुछ कद्दावर नेताओं के शागिर्दो ने ऐसी हवा बना दी थी कि वे स्वयं ही अपने नेता का चयन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर करने वाले है। हालांकि नेताजी भी अपनी दावेदारी को पक्का मान कर चल रहे थे। दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष के चयन में जितना विलंब हो रहा है उतने ही दावेदारों की फेहरिस्त भी लंबी होती जा रही है, ऐसी स्थिति में प्रदेश अध्यक्ष बनने का ख्वाब देखने वाले नेताओं की मंशा पर पानी फिर गया है। अब भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा यह तो राजनीति के पुरोधा भी बोलने से पीछे हटने लगे है। बहरहाल, पूर्व एवं वर्तमान की राजनीतिक परिस्थितियों के बदलने से कई दावेदारों की नींद उड गई है।

“बैठक में मप्र संगठन के महामंत्री भी होंगे शामिल”

संघ की होने वाली बैठक में मध्यप्रदेश के हितानंद शर्मा भी पहुचेंगे। इसके अलावा पूरे देशभर के सभी प्रांत के वरिष्ठ पदाधिकारी जिनमें प्रांत प्रचारक, सह.प्रांत प्रचारक, प्रांत कार्यवाह, सह.प्रांत कार्यवाह जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। सभी पदाधिकारी होली के बाद 17 मार्च को बेंगलुरु पहुंचने लगेंगे। कई प्रदेशों के प्रदेश संगठन महामंत्री भी इस बैठक में शामिल होंगे। संगठनात्मक पर्व के तहत संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया मध्यप्रदेश में भले ही पूरी हो चुकी है। लेकिन देश के कई राज्यों में अभी भी इसके जारी रहने से पार्टी के कई प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। अब बेंगलुरु में संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के बाद ही शेष रहे प्रदेशों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

संगठनात्मक चुनाव नहीं हो सके कई राज्यों में

हरियाणा, दिल्ली में चुनाव और उत्तरप्रदेश में महाकुंभ के चलते संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। उप्र में तो अभी जिलाध्यक्षों का चयन ही नही हुआ है । हालांकि भाजपा ने कुछ राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी है, उसमें अरूणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा और महराष्ट्र में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की है तो वही राजस्थान और छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्षों को एक और अवसर दिया गया है।