स्वतंत्र समय, इंदौर
भीषण गर्मी को देखते हुए नगर निगम व्दारा शहर के तिराहे और चौराहों पर रेड लाइट के पास ग्रीन नेट ( Green Net ) की व्यवस्था की जा रही है. जिससे आमजन सीधी धूप के संपर्क में आने से बच सकें। चौराहे पर रेड लाइट के पास ग्रीन नेट लोगों को चिलचिलाती गर्मी और धूप में राहत देने का काम कर रहा है. वाहनों की संख्या बहुत अधिक है और रेड लाइट पर बहुत देर तक रुकना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रैफिक चौराहों पर रेड लाइट के दौरान रुकने वाले राहगीरों होती है. जब एक से 2 मिनट तक चौराहों पर रेड लाइट होती है, तो सूरज की झुलसा देने वाली तपिश से शरीर जलने लगता है. इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहर के 25 चौराहों पर रेड लाइट पर ग्रीन नेट लगाने का काम शुरु किया है। ग्रीन नेट लगाने की शुरूआत र्विवार को लैटर्न चौराहे से की गई हैं।
जनभागीदारी से लगाई जाएंगी Green Net
निगम के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी नंदकिशोर पहाडिया ने कहा कि लैटर्न चौराहे समेत अन्य रेड लाइट वाले चौराहों पर लगने वाली ग्रीन नेट ( Green Net ) की लंबाई 50 मीटर तथा चौड़ाई 30 फीट रखी जाएंगी। इस ग्रीन को लगाने का उद्देश्य ट्रैफिक लाइट पर रुकने वाले लोगों को सूरज की तेज धूप से बचाना है.। नगर निगम ने शहर के 25 चौराहे चिन्ह्ति कर लिए है। पहली ग्रीन नेट लेटर्न चौराहे पर लगाई गई है। धीरे धीरे शहर के दूसरे चौराहों पर इस तरह की ग्रीन नेट लगाया जाएगा। इस काम में निगम सामाजिक और व्यापारिक संगठनों का सहयोग भी लेगा, क्योंकि नेट लगाने में लाखों रुपए का खर्च आ रहा है। उन्होंने कहा कि कलेक्टोरेटर, राजबाड़ा, हाईकोर्ट, रीगल तिराहा, खजराना गणेश मंदिर चौराहा, हरसिद्धि आदि चौराहों पर ग्रीन नेट लगाई जाएगी।
सराहनीय पहल
जिस तरीके से शहर में गर्मी पड़ रही है .चौराहों पर 1 मिनट भी रूकना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में नगर निगम की यह पहल काबिले तारीफ है. इस तरीके की ग्रीन नेट को बाकी के चौराहों पर भी लगाया जाए और प्रॉपर इसकी देखभाल की जाए शहर का तापमान कहल जाला देने वाला है सूरज की तपिश बर्दाश्त नहीं होती है. ऐसे में कुछ देर के लिए सही. लेकिन थोड़ी सही शूल जैसी चुभने वाली धूप से राहत मिलेगी।
जितने पेड़ कटते हैं उतने लगते नहीं
बताया गया है की शहर में विकास कार्य के लिए पेड़ों की बलि तो ले ली जाती है, मगर जितने पेड़ कटते हैं उतने लगते नहीं। पेड़ों के कटने के कारण गर्मी के मौसम में शहरवासियों को सुकून की छांव नहीं मिल पाती है। गर्मी के दौरान सबसे से ज्यादा दिक्कत चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिंगल पर रूकने वाले दो पहिया वाहन चालकों को होती है, क्योंकि छांव न होने से चिलचिलाती धूप में वाहन चालकों को खड़ा रहना पड़ता है। जिन चौराहों के सिग्नल पर पड़े हैं, वहां पर चालकों को राहत मिलती है। गर्मी में लोगों को धूप से बचाने के लिए चौराहों पर ग्रीन नेट लगाने का काम शुरू किया गया।