MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और रंग पंचमी के आसपास बारिश का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जबलपुर और सागर संभाग के कई शहरों में बारिश होने की संभावना है। होली के बाद प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से राज्य में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। नए सिस्टम के सक्रिय होने से कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे एक बार फिर मौसम सुहावना हो जाएगा।
बीते 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश का मौसम शुष्क बना रहा, हालांकि तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। पिछले दो दिनों में प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है, जिससे मौसम में हल्की ठंडक घुल गई है। आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिससे फसलों और मौसम दोनों पर असर पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के उत्तर हिस्से में हरियाणा के पास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, एक ट्रफ लाइन छत्तीसगढ़ की ओर से गुजर रही है, जो मौसम को प्रभावित कर रही है। वहीं, आज 19 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसके असर से प्रदेश के अधिकांश संभागों में बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। यह बारिश का दौर 21 मार्च तक बना रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
वहीं प्रदेश के अन्य जिलों की बात करें तो मंगलवार को नर्मदापुरम और खरगोन सबसे गर्म जिले रहे, जहां दिन का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खंडवा में तापमान 37.1 डिग्री, तालुना (बड़वानी) में 36.7 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री और टीकमगढ़ में 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य जिलों में भी दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, भोपाल में होली के दौरान गर्मी बढ़ने का ट्रेंड पहले से रहा है और इस बार भी वही ट्रेंड देखने को मिला। हालांकि, इस बार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
प्रदेश के पांच बड़े शहरों के न्यूनतम तापमान की बात करें तो मंगलवार को सबसे कम तापमान ग्वालियर में दर्ज किया गया, जहां पारा 15.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबलपुर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री, उज्जैन में 17.3 डिग्री, भोपाल में 17.5 डिग्री और इंदौर में 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, प्रदेश के पांच सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शहरों में गिरवर (शाजापुर) की रात सबसे ठंडी रही, जहां तापमान 12.9 डिग्री दर्ज हुआ। इसके अलावा पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 13.6 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 14.2 डिग्री, आंवरी (अशोकनगर) में 14.4 डिग्री और नौगांव (छतरपुर) में 17.3 डिग्री दर्ज किया गया।
मार्च माह के रिकॉर्ड्स की बात करें तो अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30 मार्च 2021 को दर्ज किया गया था, जब पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस 9 मार्च 1979 को रिकॉर्ड किया गया था। इसके बाद से मार्च में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक ही बना रहा है। हालांकि, मार्च के महीने में कई बार बारिश भी देखने को मिली है। अब तक की सर्वाधिक बारिश वर्ष 2006 में दर्ज की गई थी, जब 108.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।