MP में 56 सरकारी कर्मचारियों और 17 राइस मिलर्स पर FIR, जानें क्या हैं पूरा मामला

Jabalpur Paddy Procurement Fraud : मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी खत्म हो चुकी है, लेकिन जबलपुर जिले में इस प्रक्रिया में हो रही अनियमितताएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इससे पहले कलेक्टर दीपक सक्सेना ने फर्जी धान खरीदी के मामले में 22 कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराई थी, लेकिन अब बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने शिकायत पत्र देकर हड़कंप मचा दिया है।

बीजेपी विधायक की गंभीर शिकायत

अजय विश्नोई ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की कि जिले के बाहर के राइस मिलर्स, धान का परिवहन नहीं कर रहे हैं। बल्कि ये मिलर्स नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों और धान खरीदी केंद्र प्रभारियों के साथ मिलकर फर्जी रिलीज ऑर्डर (RO) जारी कर शासन को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। उनकी शिकायत पर जांच दल ने मामले की तफ्तीश की, और जो अनियमितताएं सामने आईं, वे चौंकाने वाली थीं।

17 राइस मिलर्स और अधिकारियों की मिलीभगत

जिले के बाहर के 17 राइस मिलर्स से अनुबंध किया गया था, जिनको धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव करने के बाद मिलिंग करके चावल नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करवाना था। लेकिन इन मिलर्स ने अधिकारियों के साथ मिलकर रिहाई आदेश (RO) तो प्राप्त कर लिया, पर असल में धान की डिलीवरी नहीं ली। इसके साथ ही खरीदी केंद्र प्रभारियों ने मिलकर कागजों पर धान की मात्रा घटाकर स्टॉक बराबर कर दिया।

फर्जी ट्रकों के जरिए किया गया परिवहन

जांच दल को जब टोल नाकों से धान परिवहन के ट्रकों की लिस्ट मिली, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिन ट्रक नंबरों से धान का परिवहन होना था, वे टोल नाकों से नहीं गुजरे। बल्कि, फर्जी रजिस्ट्रेशन वाली बस, कार और टेंपो जैसी गाड़ियों से धान का परिवहन किया गया, जो बिलकुल असंभव था।

जांच टीम के मुताबिक, 1 लाख 31 हजार क्विंटल से ज्यादा धान फर्जी वाहनों में ढुल गया। सीसीटीवी फुटेज और टोल पर्ची से पता चला कि जिन ट्रकों के नाम पर 614 ट्रिप होने थे, केवल 15 ट्रक ही टोल नाकों से गुजरे, यानी 95% परिवहन फर्जी था। इसके बदले, इन गाड़ियों के बिल लगाए गए।