आइसक्रीम के नाम पर कहीं आप तो नहीं खा रहे ‘वेजीटेबल ऑइल’

गर्मी के मौसम में आइसक्रीम का स्वाद ही कुछ अलग होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आइसक्रीम के नाम पर हम जो खाते हैं, वो दरअसल फ्रोजन डेजर्ट हो सकता है? इस छोटी सी गलती से आपकी सेहत पर भारी असर पड़ सकता है। आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट दोनों में फर्क है, और इस फर्क को समझकर ही आप अपने स्वाद और सेहत का सही ख्याल रख सकते हैं।

आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट में अंतर

आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट में अंतर इतना है कि आइसक्रीम दूध या क्रीम से बनती है, जबकि फ्रोजन डेजर्ट में वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल होता है। यह फर्क न केवल स्वाद में, बल्कि सेहत में भी बड़ा बदलाव लाता है। आइसक्रीम में ज्यादा कैलोरी होती है क्योंकि इसमें दूध के प्राकृतिक फैट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि फ्रोजन डेजर्ट में ये फैट्स वेजिटेबल ऑयल से आते हैं, जिससे इसकी कैलोरी कम होती है। लेकिन, यही वेजिटेबल फैट और ट्रांस फैट्स आपके दिल और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

पाचन तंत्र पर बुरा असर

फ्रोजन डेजर्ट में आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और एडिटिव्स होते हैं, जो पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकते हैं, जबकि आइसक्रीम में प्राकृतिक डेयरी प्रोडक्ट्स होते हैं। फिर भी, आइसक्रीम में भी शुगर और फैट की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए इसे भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
इसलिए अगली बार जब आइसक्रीम का मन हो, तो पैक को ध्यान से पढ़ें। अगर उसमें डेयरी प्रोडक्ट्स की बजाय वेजिटेबल ऑयल लिखा हो, तो समझ जाइए कि वह फ्रोजन डेजर्ट है, और आप इसके बजाय असली आइसक्रीम का चुनाव कर सकते हैं। मगर याद रखें, हर चीज का ज्यादा सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।