IIM इंदौर में जीएमपीई बैच 16 (GCC) और बैच 17 का समापन

भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) और एजुकेशन पार्टनर अनिसुमा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, दुबई ने संयुक्त रूप से कार्यकारी प्रबंधन कार्यक्रम (जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स – GMPe) के 16वें (जीसीसी) और 17वें बैच के समापन समारोह का आयोजन आईआईएम इंदौर परिसर में किया। कार्यक्रम में 80 सीनियर एग्जीक्यूटिव्स की समृद्ध शिक्षण यात्रा पूर्ण हुई।
मई 2024 से फरवरी 2025 तक संचालित इन दोनों कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों को उन्नत नेतृत्व कौशल, रणनीतिक दृष्टिकोण और वैश्विक व्यापारिक परिवेश की जटिलताओं को कुशलतापूर्वक संयोजित करने की क्षमता प्रदान की।

आईआईएम इंदौर के निदेशक, प्रो. हिमांशु राय ने संस्थान के वैश्विक विस्तार और जीसीसी एवं मध्य पूर्व क्षेत्र में कार्यकारी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आईआईएम इंदौर केवल व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है। हम ऐसे भविष्य के लीडर्स और मैनेजर्स तैयार कर रहे हैं, जो उद्योगों में प्रभावशाली बदलाव लाने में सक्षम हों।

पिछले कुछ वर्षों में हमारे कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रमों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यूएई और जीसीसी क्षेत्र में हमारे पूर्व छात्रों की संख्या 900 से अधिक हो गई है। यह हमारे कार्यक्रमों की प्रभावशीलता और उनके संस्थानों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।” हम प्रतिबद्ध हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों और बिज़नस लीडर्स की बदलती आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। हमने इस क्षेत्र के पेशेवरों के लिए कई विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत की है, जिनमें एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर सीनियर लीडर्स, जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स इन दुबई, जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स फॉर अदर मिडल ईस्ट कंट्रीज, स्ट्रेटेजिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स, और स्ट्रेटेजिक मार्केटिंग मैनेजमेंट प्रोग्राम इन द डिजिटल वर्ल्ड फॉर एग्जीक्यूटिव्स शामिल हैं। ये कार्यक्रम बिज़नेस लीडर्स को आधुनिक रणनीतिक दृष्टिकोण, नवाचार क्षमता और संगठनात्मक परिवर्तन को संचालित करने की दक्षता प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं।

प्रो. राय ने कहा कि इन कार्यक्रमों की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि इस क्षेत्र में उच्च-स्तरीय कार्यकारी शिक्षा की आवश्यकता और महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व व्यापार और नवाचार का एक गतिशील केंद्र बना हुआ है, और हम यहां के पेशेवरों को सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि वे प्रभावी नेतृत्व कर सकें। हमारा लक्ष्य केवल शैक्षणिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम जीवनपर्यंत सीखते रहने की संस्कृति को बढ़ावा देने, अपने पूर्व छात्रों के नेटवर्क को और मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर संगठनों एवं समुदायों पर एक स्थायी प्रभाव डालने के लिए कार्यरत हैं।”

आईआईएम इंदौर के डीन (फैकल्टी) प्रो. रंजीत नम्बूदिरी ने कहा कि यह पाठ्यक्रम केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक रूपांतरण की यात्रा है—व्यावसायिक, व्यक्तिगत और शैक्षणिक दृष्टि से। उन्होंने कहा, “नेतृत्व में यह भी महत्व रखता है कि आप अपने ज्ञान का उपयोग कैसे करते हैं। इस कार्यक्रम को पूर्ण करने के बाद स्वयं से पूछें—आप सफलता को कैसे परिभाषित करेंगे? क्या यह केवल लाभ अर्जित करने तक सीमित है, या यह समाज और व्यवसाय में सार्थक योगदान देने का माध्यम भी है? सच्ची सफलता लोगों की सहायता करने, एक बेहतर दुनिया के निर्माण में योगदान देने और ईमानदारी से नेतृत्व करने में निहित है।” उन्होंने प्रतिभागियों को नवाचार अपनाने, परिवर्तन लाने के लिए नेतृत्व करने और लगातार अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम समन्वयक, प्रो. मनीष पोपली ने इस कार्यक्रम की रणनीतिक अंतर्दृष्टि और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मैं आपको यहां अर्जित ज्ञान को लागू करने और आईआईएम इंदौर के पूर्व छात्र नेटवर्क से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। यह एक सतत सीखने और विकास की यात्रा है, जो कभी समाप्त नहीं होती।”

अनिसुमा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक-निदेशक, डॉ. महेश चोटरानी ने आईआईएम इंदौर के साथ अनिसुमा की साझेदारी पर गर्व व्यक्त किया और इसे जीवनपर्यंत सीखने की संस्कृति को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा, “हर बैच में विभिन्न पेशेवरों को एक साथ लाया जाता है, और यह कार्यक्रम किस प्रकार उनके करियर को बदलने में सहायक रहा है।” उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस कार्यक्रम के दौरान सीखे गए मूल्यों को आत्मसात करें और नेतृत्व व विकास के नए अवसरों की खोज करते रहें।

आईआईएम इंदौर का यह कार्यक्रम कार्यकारी शिक्षा में नए मानक स्थापित करता रहा है, जो पेशेवरों को आत्मविश्वास और नवीन दृष्टिकोण के साथ नेतृत्व करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है। जीसीसी और यूएई में लगातार बढ़ते पूर्व छात्र नेटवर्क के साथ, आईआईएम इंदौर और अनिसुमा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट विश्वस्तरीय प्रबंधकों और लीडरों को विकसित करने और संगठनों एवं समाज में सार्थक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।