इंदौर की मल्हारगंज तहसील का कार्यालय बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन भाजपा नेताओं की खींचतान के चलते मल्हारगंज तहसील झोले खा रही है। वाही-वाही बटोरने की ऐसी होड़ मंची है कि इससे अब अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे है। अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा है कि करें तो क्या करें। मामला ऐसा है कि मल्हारगंज तहसील लोकार्पण का सेहरा अकेले देपालपुर विधायक मनोज पटेल बांधना चाहते हैं। क्योकिं तहसील भवन देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। लेकिन यहां पेंच यह फंसा कि मल्हारगंज तहसील के अन्तर्गत विधानसभा 1 सहित अन्य विधानसभा के गांव भी शामिल है। ऐसे में मल्हारगंज तहसील के लोकार्पण के दौरा विधानसभा एक के विधायक खासकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को ना बुलाना असंभव है। यही मनोज पटेल और कैलाश विजयवर्गीय के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। जिसके चलते अब मनोज पटेल अपनी देपालपुर विधायकी का रूतबा दिखाते हुए तहसील कार्यालय के उद्घाटन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को शामिल नहीं करना चाहते है। अब अधिकारियों को यह समय नहीं आ रहा है कि तहसील कार्यालय में विधानसभा एक शामिल है और यहां के विधायक मंत्री पद पर आसीन है ऐसी परिस्थतियों में मंत्री की अनदेखी करना एक भूचाल को लाने जैसा है। अब अधिकारी मनोज पटेल को कैसे समझाए की कैलाश विजयवर्गी के राजनैतिक कद के आगे मनोज पटेल का कद काफी बौना साबित होता है। ऐसे में अब प्रशासनिक अधिकारी इसका प्रयास कर रहे है कि तहसील का लोकार्पण सीएम मोहन यादव के कर कमलो से कराय जाए ताकि इंदौर शहर में भाजपा की गुटबाजी की जंग थम जाए।
मनोज ने रख दी है शर्त
सुत्रों के अनुसार यह बात सामने आई है कि मनोज पटेल तहसील कार्यालय का लोकार्पण कराने की तारिख फिक्स करने के लिए जब प्रशासनिक संकुल पहुंचे तो अधिकारियों ने अपनी बात रखते हुए कह दिया था कि मंत्री कैलाश जी के बिना यह लोकार्पण संभव नहीं है तो मनोज पटेल ने कह दिया कि यदि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मुख्य अतिथि बनाया गया तो वह लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने भी दिखाया मनोज को आईना
लोकार्पण कार्यालय को लेकर अपनी दावेदारी दिखा रहे मनोज पटेल को भाजपा जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्रवण सिंह चावड़ा ने तो यहां तक कह दिया कि भौगोलिक स्थिति के हिसाब से तो देपालपुर के अलावा और भी विधानसभाएं तहसील के लगती हैं। ऐसे में बाकी क्षेत्र के नेताओं का भी कार्यक्रम में आना बनता है। असल में मल्हारगंज के जिस तहसील कार्यालय को सुपर कॉरिडोर पर शिफ्ट किया जा रहा है, उसमें 5 विधानसभा क्षेत्रों के गांव लग रहे हैं। मल्हारगंज विधानसभा 1 में आता है, जो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा है। सुपर कॉरिडोर पर जहां इसे तैयार किया गया है, वह देपालपुर विधानसभा में आता है, जहां से विधायक मनोज पटेल हैं। इसके अलावा इस तहसील कार्यालय में कुछ गांव विधायक रमेश मेंदोला की विधानसभा दो से और साथ ही मंत्री तुलसी सिलावट की विधानसभा सांवेर और विधायक मधु वर्मा की विधानसभा राऊ के भी आते हैं।
मंंत्री कैलाश की टिप्पणी ने डाला आग में घी
आपको बता दे कि मनोज पटेल और कैलाश विजयवर्गीय की खींच तान तो बरसों पुरानी है लेकिन विधानसभा चुनाव में जीत के बाद जब भाजपा कार्यलय पर इंदौर में 9 विधानसभा में जीत का जश्न आयोजित किया तो इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने देपालपुर विधायक मनोज पटेल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “इस बार का विधानसभा चुनाव काफी टफ था, लेकिन जिस तरह से परिणाम आए, उससे मनोज पटेल जैसे लोग भी जीत गए।” इसके बाद पटेल समर्थकों ने विरोध में पुतले भी फूंके थे।
मोहन ही निकालेंगे हल
मल्हारगंज तहसील कार्यालय के उद्घाटन में जिस तरह से राजनीतिक अखाड़ा खड़ा हो गया है, उसको लेकर अब प्रशासनिक अफसर किसी विवाद में पड़ने के मूड में नहीं हैं। वे अब इसका उद्घाटन सीएम डॉ. मोहन यादव से करवा कर पूरे विवाद को ही खत्म करना चाहते हैं। राजनैतिक वर्चस्व की खींचतान में अब तहसील कार्यालय का लोकार्पण कैसे होता है यह बड़ा ही रोमाचंक या वर्चस्व की लड़ाई को भड़काने वाला हो सकता है यह तो आगामी समय ही बताएंगा लेकिन अधिकारियों ने इसका हल खोजते हुई सीएम मोहन को ही बुलवाने का निर्णय ले लिया है।