भगवान के प्रति आस्था कितनी गहरी होती है यह एक हादसे से सामने आया यहां एक शख्स भगवान को आस्था का कमल चढ़ाने के लिए तालाब में उतरा था जिसमें कमल खिल रहे थे। कमल देख कर शख्स की आस्था इतनी प्रबल हो गई कि उसने तालाब में उतर कर कमल तोड़ने और भगवान को चढ़ाने की इच्छा जाहिर करते हुए तालाब में छंलाग लगा दी और वह कमल का फूल तोड़ भी चुके थे।
लेकिन नियती में कुछ और तय था जिसके चलते जब वह अपनी आस्था का कमल तोड़ कर वापस तालाब से बाहर निकलने के प्रयास करते है तब तक उनका पैर तालाब के कीचड़ और कमल की जड़ में उलझ जाता है वह प्रयास करता है कि कमल की जड़ जो पैर में लिपट गई थी उससे मुक्त हो कर बाहर निकले और अपने भगवान को कमल का फूल चढ़ाए लेकिन इस दौरान वह शख्स तालाब में ही डूब गया।
सबसे आश्चर्यजनक बात यह हुई कि उस शख्स के प्राण प्रखेरू उड़ गए लेकिन उसके हाथ से आस्था का कमल नहीं छुटा और वह कमल उसके हाथ में दूसरे दिन जब उसका शव निकाला गया तब तक उस शख्स के हाथ में ही रहा। यहां प्राण तो उड़ गए थे लेकिन उस शख्स की भगवान के प्रति आस्था अमर हो गई।
यह है मामला
मामला ऐसा है कि इंदौर जिले के खुडैल थाना इलाके के पैड़मी गांव में मुहाड़ा घाट तालाब में डूबने से उज्जैन निवासी वैभव जोशी की मौत हो गई। वे धर्म विज्ञान शोध संस्थान के डायरेक्टर थे। वैभव अपने दोस्तों के साथ देवास से वापस लौटते समय तालाब पर रुके थे और कमल के फूल लेने उतरे थे।
दोस्तो के साथ पार्टी कर लौट रहे थे
दोस्तों के साथ पार्टी करके लौट रहे धर्म विज्ञान शोध संस्थान उज्जैन के निदेशक वैभव जोशी कमल के फूल तोड़ने के लिए तालाब में उतरे थे। यहां फूल तोड़कर लौटते समय दलदल और कमल की बेल में फंस गए और वहीं डूब गए। जब उनका शव निकाला गया तो हाथ में कमल का फूल था, वो भगवान को कमल का फूल चढ़ाना चाहते थे।
जानलेवा बन चुका है तालाब
दोस्तों ने छटपटाते देखा और उनकी आंखों के सामने वे डूब गए। पेडमी के एक पुजारी ने ग्रामीण और पुलिस को बुलाया मगर अंधेरा अधिक होने से तालाब में नहीं जा सके। रविवार सुबह आठ बजे एसडीआरएफ व तैराक नाव लेकर तालाब में उतारे गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद वैभव का शव निकाला गया। वैभव धर्म विज्ञान शोध संस्थान के डायरेक्टर थे। जब शव निकाला। उनके हाथ में कमल का फूल भी था। एसआई के मुताबिक तीन साल पूर्व भी एक चरवाहा की डूबने से मौत हो चुकी है। इससे यह बात भी अब स्पष्ट हो चुकी है कि यह तालाब जानलेवा बन चुका है। इस तालाब की सफाई ना होने से अब यह तालाब खतरा बन चुका है। नगर निगम इस तालाब की सफाई करवाने की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते अब तक उस तालाब में दो जान जा चुकी है।