दशहरा, दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों पर रेलवे ने यात्रियों को राहत देने का बड़ा कदम उठाया है। इंदौर से भोपाल होकर नागपुर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में अब अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद भोपाल रेल मंडल ने इस ट्रेन में 7 नए कोच जोड़ने का फैसला लिया है। इन नए कोचों के जुड़ने से हजारों यात्रियों को सीट मिलने की गारंटी होगी और त्योहारों के समय यात्रा और भी आसान हो जाएगी।
स्थायी रूप से बढ़ेगी वंदे भारत की क्षमता
अभी तक वंदे भारत एक्सप्रेस सीमित डिब्बों के साथ चल रही थी, जिससे त्योहारों पर यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में कठिनाई होती थी। लेकिन अब इन अतिरिक्त 7 कोचों को स्थायी रूप से ट्रेन के साथ जोड़ा जाएगा। इसका मतलब यह है कि सिर्फ त्योहारों तक ही नहीं बल्कि आगे भी यह ट्रेन अधिक क्षमता के साथ चलेगी। इस फैसले से रोज़ाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भी काफी फायदा मिलेगा।
देशभर में 3 वंदे भारत ट्रेनें होंगी 20 कोच की
रेलवे ने केवल इंदौर-भोपाल-नागपुर रूट की ट्रेन ही नहीं, बल्कि देशभर की तीन प्रमुख वंदे भारत ट्रेनों को 20 कोच में बदलने का निर्णय लिया है। अभी तक यह ट्रेनें सीमित कोचों के साथ चल रही थीं, लेकिन अब अधिक यात्रियों की मांग और ऑक्युपेंसी को देखते हुए डिब्बों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही, ऐसी चार और वंदे भारत ट्रेनें जो अभी 8 कोच की हैं, उन्हें अपग्रेड करके 16 कोच का बनाया जाएगा।
त्योहारों की भीड़ और सीटों की बढ़ती डिमांड
त्योहारों के मौसम में इंदौर, भोपाल और नागपुर रूट पर यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी होती है। ऐसे में ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या को हल करने के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। नए कोच जुड़ने से यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से मुक्ति मिलेगी और उन्हें आसानी से कंफर्म सीट मिल पाएगी। इससे लोगों की यात्रा न केवल सुविधाजनक होगी बल्कि उन्हें त्योहार के दौरान टिकट की चिंता भी नहीं रहेगी।
रेलवे के सीनियर अधिकारियों का बयान
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यह फैसला वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा और पिछले साल के फेस्टिवल सीजन की ऑक्युपेंसी रिपोर्ट देखने के बाद लिया गया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और सीटों की कमी को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अतिरिक्त कोच जोड़ने का आदेश जारी किया है। उनका कहना है कि इस बदलाव से वंदे भारत ट्रेनों की ऑक्युपेंसी और कंफर्म सीट की उपलब्धता में बड़ी बढ़ोतरी होगी।