इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के इंजीनियरिंग कॉलेज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल से रैगिंग और मारपीट की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार, 29 अगस्त की देर रात थर्ड ईयर और फाइनल ईयर के कुछ छात्रों ने हॉस्टल में धावा बोला और जूनियर्स से जबरन “इंट्रो” लेने के नाम पर न केवल मारपीट की, बल्कि उनके साथ शर्मनाक हरकतें भी कीं। घटना ने पूरे कैंपस और यूनिवर्सिटी प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
जूनियर्स के साथ हिंसा और अमानवीय हरकत
पीड़ित छात्रों के अनुसार, सीनियर छात्रों ने उनसे नाम और पढ़ाई की जानकारी पूछी। जब कुछ जूनियर ने विरोध किया, तो सीनियर्स ने उन पर हाथ उठा दिया। इतना ही नहीं, एक छात्र को बुरी तरह प्रताड़ित करते हुए उसका चेहरा जबरदस्ती कमोड में डाल दिया गया और फ्लश चला दिया गया। यह कृत्य सुनकर और देखकर अन्य जूनियर सहम गए। छात्रों ने तुरंत अपने परिजनों और कॉलेज प्रबंधन को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद सभी पीड़ित छात्र सीधे भंवरकुआं थाने पहुंचे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच और आरोपियों की पहचान
पुलिस को जब शिकायत मिली तो उन्होंने तुरंत जांच शुरू की। शुरुआती पड़ताल में कुछ सीनियर छात्रों की पहचान भी हो चुकी है, जिनसे पूछताछ की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, यह वही छात्र हैं जो पहले भी हॉस्टल में दबंगई करते देखे गए थे। पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है क्योंकि यह मामला केवल रैगिंग का नहीं बल्कि शारीरिक हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का भी है।
पहले भी सामने आया था मामला, छह सीनियर बाहर निकाले
यह घटना नई जरूर है, लेकिन IET में रैगिंग और मारपीट की यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले 19 अगस्त 2025 को भी एक ऐसा ही मामला हुआ था, जिसमें जूनियर्स के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई थी। उस केस की जांच के बाद 22 अगस्त को कॉलेज प्रबंधन ने 6 सीनियर छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया था। उस मामले में पीड़ित छात्रों ने सीधा यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से शिकायत की थी। यूजीसी ने निर्देश दिए थे कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन पूरी जांच करे और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
प्रबंधन का बयान और सफाई
IET के प्रभारी डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि – पहला मामला रैगिंग का नहीं था बल्कि “इंट्रो” लेने के नाम पर अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार हुआ था। इसलिए प्रबंधन ने 6 छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया। हालांकि, दूसरे मामले की पूरी जानकारी उन्हें अभी तक नहीं मिली है। जानकारी सामने आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि इस बार जूनियर छात्रों ने सीधा पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
कैंपस में तनाव और जूनियर्स में दहशत
लगातार दो घटनाओं ने IET के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। हॉस्टल में रह रहे कई जूनियर छात्र अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जिन छात्रों को प्रताड़ित किया गया, वे मानसिक आघात में हैं। यूनिवर्सिटी और हॉस्टल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब यह है कि कैसे छात्रों में सुरक्षा की भावना पैदा की जाए और रैगिंग जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।