मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश में सड़कों की खराब स्थिति, विशेष रूप से इंदौर की सड़कों पर बने गड्ढों के कारण लोगों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि बारिश के कारण सड़कों की हालत बिगड़ी और जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंत्री ने कहा कि अब पूरे प्रदेश में गड्ढे भरने का अभियान तेज़ी से चल रहा है और इंदौर में काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
आधी रात को निरीक्षण, काम की गुणवत्ता पर नजर
कैलाश विजयवर्गीय खुद आधी रात को इंदौर की सड़कों पर चल रहे पेंचवर्क का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, मनीष मामा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि महापौर और नगर निगम टीम सड़कों की मरम्मत की गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बारिश बनी देरी की वजह
मंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत का काम दिवाली के समय से ही शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन लगातार बारिश ने इस योजना में बाधा डाल दी। उन्होंने माना कि प्रदेशभर में गड्ढों की समस्या के कारण जनता को परेशानी हुई, जिसके लिए वे खेद व्यक्त करते हैं। अब मौसम साफ होते ही तेजी से पेंचवर्क शुरू कर दिया गया है और उम्मीद है कि अगले एक महीने में सभी सड़कों की स्थिति सुधर जाएगी।
सर्विस रोड और ब्रिज मार्ग पर विशेष ध्यान
विजयवर्गीय ने बताया कि जहां-जहां ब्रिज निर्माण कार्य चल रहा है, वहां की सर्विस रोड को दुरुस्त करने के निर्देश कलेक्टर को दिए गए हैं। नगर निगम और अन्य विभाग मिलकर इन रास्तों की मरम्मत में जुटे हैं ताकि शहरवासियों को आने-जाने में परेशानी न हो।
इंदौरवासियों को मिलेगी राहत
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में इंदौर की सड़कें फिर से सुगम होंगी और नागरिकों को सफर में अब असुविधा नहीं होगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह पेंचवर्क का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
बिहार चुनाव पर तंज
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वहां बीजेपी 160 से ज्यादा सीटें जीतने जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह हार से पहले का बहाना है। कभी मशीन पर तो कभी वोट चोरी पर आरोप लगाना उनकी आदत बन चुकी है। जब भी चुनाव परिणाम उनके खिलाफ आते हैं, वे देश छोड़कर विदेश चले जाते हैं। इस बार भी उन्हें अपनी हार साफ दिख रही है, इसलिए वे बहाने बना रहे हैं।