जिले में औद्योगिक सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इंदौर जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों को आगामी 15 दिनों के भीतर फायर सेफ्टी ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। यह निर्णय हाल ही में हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी इकाइयाँ पूर्ण रूप से तैयार रहें।
फायर ऑडिट रिपोर्ट होगी अनिवार्य
कलेक्टर ने कहा कि सभी कारखानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत करनी होगी। जो इकाइयाँ पहले से संचालित हैं, उन्हें भी इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट जमा करने के बाद प्रशासन के अधिकारी स्थल पर जाकर सुरक्षा मानकों की भौतिक जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि फायर सेफ्टी उपकरण और सिस्टम पूरी तरह से कार्यशील हैं।
सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
कलेक्टर वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन औद्योगिक इकाइयों को हाल ही में सुरक्षा की कमी के चलते सील किया गया था, उन्हें भी फायर ऑडिट कराकर अपनी रिपोर्ट दोबारा प्रस्तुत करनी होगी। यदि किसी प्रतिष्ठान में अनुपालन नहीं पाया गया, तो प्रशासनिक स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि फायर सेफ्टी अनुपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता न किया जाए। उन्होंने सभी औद्योगिक संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा को लागत नहीं बल्कि निवेश के रूप में देखें, ताकि कर्मचारियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
औद्योगिक सुरक्षा की दिशा में सख्त रुख
इस निर्णय के साथ इंदौर प्रशासन ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि अब सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। आने वाले समय में फायर विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण (सप्राइज ऑडिट) भी कर सकते हैं, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
यह कदम इंदौर को न केवल एक औद्योगिक केंद्र के रूप में बल्कि एक सुरक्षित औद्योगिक शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।