इंदौर में जयस छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, स्कॉलरशिप और हॉस्टल को लेकर कलेक्टर ऑफिस पर नारेबाजी

Indore News : छात्रवृत्ति में देरी, तीन साल से बंद पड़े हॉस्टल और दिव्यांग छात्रों के भत्ते जैसी समस्याओं को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) छात्र संगठन ने मंगलवार को इंदौर में एक बड़ा प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं टंट्या भील चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से कलेक्टर ऑफिस तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जमीन पर बैठकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।

जयस छात्र संगठन ने इस प्रदर्शन को ‘महाआंदोलन’ का नाम दिया था। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शन के कारण कलेक्टर ऑफिस के आसपास ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।
टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर ऑफिस तक मार्च
तय कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र टंट्या भील चौराहे पर जमा हुए। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए छात्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। यहां से उन्होंने पैदल मार्च शुरू किया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्टर ऑफिस पहुंचा। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपनी कई प्रमुख मांगें गिनाईं। उनका कहना है कि पिछले तीन सालों से कई आदिवासी हॉस्टल बंद पड़े हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले छात्रों को रहने में भारी परेशानी हो रही है। इसके अलावा, छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि दिव्यांग छात्रों को मिलने वाले भत्ते और अन्य शैक्षणिक योजनाओं का लाभ भी पात्र छात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे प्रशासन से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, छात्र कलेक्टर ऑफिस के बाहर डटे हुए हैं और अधिकारियों से ठोस आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं।