विधानसभा चुनाव 2025: बिहार में चिराग पासवान का 100% स्ट्राइक रेट, LJP रामविलास सभी 5 सीटों पर अजेय बढ़त पर

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना के रुझानों में बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। एनडीए गठबंधन के हिस्से के रूप में मिली सभी पांच सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार बड़ी बढ़त के साथ जीत की ओर अग्रसर हैं। यह 100 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट चिराग पासवान के लिए एक बड़ी राजनीतिक विजय है।

इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल बिहार की राजनीति में उनके कद को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान के असली राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में भी स्थापित कर दिया है। चिराग ने साबित कर दिया है कि पार्टी का कैडर और उनके पिता के समर्थक पूरी तरह से उनके साथ हैं।

सभी पांच सीटों पर LJP(RV) की मजबूत पकड़

चुनाव आयोग से मिल रहे आंकड़ों के अनुसार, LJP (रामविलास) के उम्मीदवार पांचों लोकसभा क्षेत्रों में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे चल रहे हैं। इन सीटों में हाजीपुर, जमुई, खगड़िया, समस्तीपुर और वैशाली शामिल हैं।

मुख्य उम्मीदवार और उनकी स्थिति:

  • हाजीपुर: खुद चिराग पासवान अपने पिता की पारंपरिक सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने एकतरफा बढ़त बना ली है।
  • जमुई: यहां से चिराग के बहनोई अरुण भारती आगे चल रहे हैं।
  • समस्तीपुर: सबसे युवा उम्मीदवारों में से एक शांभवी चौधरी ने भी मजबूत बढ़त हासिल की है।
  • खगड़िया: यहां से राजेश वर्मा जीत की ओर बढ़ रहे हैं।
  • वैशाली: मौजूदा सांसद वीणा देवी भी अपनी सीट बचाने में कामयाब होती दिख रही हैं।

हाजीपुर की प्रतिष्ठा की लड़ाई में चिराग की जीत

हाजीपुर लोकसभा सीट चिराग पासवान के लिए सम्मान का प्रतीक थी। उनके पिता रामविलास पासवान ने इस सीट का कई दशकों तक प्रतिनिधित्व किया था। उनके निधन के बाद, इस सीट को लेकर चिराग और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच गहरा विवाद हुआ था।

हालांकि, एनडीए नेतृत्व ने चिराग पासवान पर भरोसा जताया और यह सीट उन्हें दी। अब इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज करके चिराग ने न केवल अपने चाचा को राजनीतिक रूप से मात दी है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि वही रामविलास पासवान की विरासत के असली हकदार हैं।

एनडीए में बढ़ेगा चिराग का राजनीतिक कद

पांच सीटों पर इस निर्णायक प्रदर्शन के साथ, चिराग पासवान का कद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में काफी बढ़ना तय है। माना जा रहा है कि केंद्र में सरकार बनने की स्थिति में उन्हें कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय भी मिल सकता है। बिहार में भी अब वे बीजेपी और जेडीयू के बाद एनडीए के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग ने पिछले कुछ वर्षों में सही राजनीतिक निर्णय लिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया और अपनी पार्टी के लिए बेहतरीन परिणाम सुनिश्चित किए। यह प्रदर्शन 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए भी एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।