Indore News: इंदौर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कृष्ण विहार कॉलोनी में रहने वाला 15 वर्षीय किशोर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के वचनों से इस कदर प्रभावित हुआ कि वह अपने परिजनों को एक भावुक पत्र लिखकर घर छोड़कर निकल गया। किशोर ने पत्र में दावा किया है कि उसे अपनी ‘असलियत’ का पता चल गया है और अब वह अपने ‘असली परिवार’ के पास जा रहा है।
“मुझे ढूंढने की कोशिश न करें”
बुधवार शाम को जब किशोर क्रिकेट खेलने के बहाने घर से निकला और देर रात तक वापस नहीं आया, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। तलाशी के दौरान घर से उसके हाथ का लिखा एक पत्र मिला, जिसने सबके होश उड़ा दिए। किशोर ने पत्र में लिखा:

“मां, पापा, भैया और दादा… मैं अपनी असलियत जान गया हूं और अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। कृपया रोइए मत और मुझे ढूंढने की कोशिश भी न करें। यह फैसला किसी डांट या खराब रिजल्ट की वजह से नहीं है।”
उसने पत्र में आगे जिक्र किया कि उसकी ‘असलियत’ जानने के लिए उसकी फोटो पर लिखे प्रेमानंद महाराज के वचनों को पढ़ा जाए। किशोर ने यह भी ईमानदारी दिखाई कि उसने अपने दोस्त से 500 रुपये उधार लिए हैं, जिसे उसके पिता चुका दें।
पुलिस जांच और देहरादून का कनेक्शन
सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि परिजनों की शिकायत पर बाणगंगा थाना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव ने बताया कि किशोर के पिता पेशे से ड्राइवर हैं। जांच के दौरान किशोर की ‘सर्च हिस्ट्री’ खंगाली गई, जिससे पता चला कि घर छोड़ने से पहले उसने गूगल पर देहरादून जाने वाली ट्रेनों के बारे में जानकारी जुटाई थी।
पुलिस अब रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाल रही है और देहरादून व मथुरा (वृंदावन) रूट की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
अध्यात्म की ओर बढ़ता आकर्षण?
यह मामला किशोरों में बढ़ते आध्यात्मिक आकर्षण और सोशल मीडिया पर संतों के प्रवचनों के गहरे प्रभाव को दर्शाता है। जहाँ एक ओर किशोर ने शांति की राह चुनी, वहीं पीछे छूटा परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बच्चे को सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।