Bhopal News : ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा रखने वाले मध्य प्रदेश ने वन्यजीव पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। राज्य सरकार 5000 करोड़ रुपये की लागत से 625 किलोमीटर लंबा ‘टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर’ बनाएगी, जो प्रदेश के चार प्रमुख टाइगर रिजर्व – पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ेगा।
इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्देश्य वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुगम और विश्व स्तरीय सर्किट तैयार करना है, जिससे मध्य प्रदेश दुनिया में वन्यजीव पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन सके। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस कॉरिडोर के लिए मौजूदा मार्गों को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे पर्यटकों का सफर आसान और समय बचाने वाला होगा।
प्रदेश में सड़कों का नया जाल
टाइगर कॉरिडोर के साथ-साथ, मुख्यमंत्री ने राज्य में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए कई अन्य बड़ी परियोजनाओं का भी रोडमैप साझा किया है। इसमें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए 12 हजार करोड़ रुपये की ‘अटल पथ योजना’ भी शामिल है। यह योजना इस क्षेत्र को सीधे उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर से जोड़ेगी, जिससे मध्य प्रदेश से दिल्ली की दूरी घटकर मात्र 3 से 4 घंटे रह जाएगी।
इसके अतिरिक्त, 9,716 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल-जबलपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के दो बड़े और महत्वपूर्ण केंद्रों को आपस में जोड़ेगा। सरकार का मानना है कि इन सड़कों के विकास से राज्य की पहुंच बंदरगाहों तक आसान होगी, जो व्यापार और उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इन विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ मिलकर एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। अधिकांश सड़क परियोजनाओं को सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके लिए खंडवा बायपास, जबलपुर रिंग रोड, इंदौर-हरदा और रीवा बायपास जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों को भी लाभ
सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर का लाभ सिर्फ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहेगा। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के सफल बसाहट के बाद राजस्थान और उत्तर प्रदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। यह नया टाइगर कॉरिडोर अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण इन पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों के लिए भी एक बड़ी सौगात साबित होगा और पर्यटन को बढ़ावा देगा।